क्या ऐसे दिग्विजय हो पाएंगें हिन्दू विरोधी इमेज से बाहर

भोपाल। ये दिग्विजय सिंह है जो कभी इतनी भक्ति में रंगे नजर नहीं आए होंगे..लेकिन कुछ दिनों से वो लगातार मंदिरों पर माथा टेक रहे है। जहां पहुंचते है वहां भगवान के नारों की गूंज सुनाई देने लगती है वजह सिर्फ एक है भोपाल लोकसभा चुनाव। दिग्विजय सिंह इसके जरिए खुद की एंटी हिन्दू इमेज को धोना चाहते है क्योंकि दिग्गी ने अपने बयानों के कारण खुद की छवि लोगों के बीच हिन्दू विरोधी बना ली है।

दिग्विजय शुक्रवार को रामनवमी के मौके पर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे इस दौरान दिग्विजय ने जिला कांग्रेस को आवंटित हुई जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपने की मंशा जाहिर कि वहीं मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री पीसी शर्मा तो एक दम आगे बढ़ते हुए दिग्विजय सिंह को राम के वंशज बता रहे हैं तो बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि जो भगवा आतंकवाद की बात करते है ये रामजादा तो हो नहीं सकते।

दिग्विजय अपनी हिन्दू विरोधी इमेज से बाहर आना चाहते है। वजह है भोपाल लोकसभा चुनाव क्योंकि ये सीट कांग्रेस पिछले दो दशक से हार रही है और अगर दिग्विजय को ये सीट कांग्रेस के खाते में डालना है तो अपनी एंटी बहुसंख्यक छवि से बाहर आना ही होगा और ये बात दिग्विजय बखूबी जानते इसलिए वो लगातार भगवा रंग में रंगे नजर आ रहे है। इससे पहले वह बेहद कठिन नर्मदा पैदल परिक्रमा कर चुके हैं, जिसके बाद से ही उनकी वापसी के कयास शुरू हो गए थे| नर्मदा परिक्रमा के बाद से ही यह तय हो गया था कि दिग्विजय नए रूप में प्रदेश की सियासत में दमदार एंट्री करेंगे, इसमें वो सफल भी हुए और प्रदेश में कांग्रेस का वनवास खत्म हुआ और आज दिग्विजय फिर प्रदेश और देश की राजनीति में चर्चित चेहरा बन गए हैं| 

"To get the latest news update download the app"