अब यहां मतदान के तीन दिन बाद स्ट्रॉग रूम पहुंची EVM, मचा हंगामा

भोपाल। प्रदेश में प्रशासनिक लापरवाही की वजह से ईवीएम को लेकर उपजा विवाद थमने  का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को सागर के खुरई विधानसभा क्षेत्र से मतदान के दो दिन बाद स्ट्रॉग रूम तक ईवीएम पहुँचने पर चुनाव आयोग दिन भर सफाई देता रहा। इस बीच अनूपपुर के कोतमा में भी शनिवार शाम को एक बस से करीब 30 ईवीएम स्ट्रॉग रूम पहुंचाने का मामला सामने आया है। इसके बाद अनूपपुर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर अनुग्रह पी का कहना है कि गड़बड़ी जैसी कोई बात नहीं है।

कोतमा विधानसभा क्षेत्र से ईवीएम लेकर तहसीलदार जिला मुख्यालय पहुंचे। जहां कांग्रेसियों द्वारा बस को रोक लिया। कांग्रेसियों के हस्तक्षेप करने के बाद बस में सवार कर्मचारी आपस में बात करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय की तरफ बस को ले गए | प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मशीनें कोतमा तहसील में रखी गई थी तथा बिना यूज वाली मशीनें हैं। जिसे कोतमा से अनूपपुर शिफ्ट करना था, लेकिन यह बात समझ से परे है कि इन मशीनों को स्ट्रांग रूम में ही क्यों लाया गया। किसने आदेश दिया कि यह मशीनें स्ट्रांग रूम को खोल कर रखे जाने हैं | साथ में आए तहसीलदार व पटवारी भी जवाब देने से कतराते रहे फिलहाल बस को कलेक्ट्रेट कार्यालय की तरफ ड्राइवर के द्वारा और उसमें कुछ सवार कर्मचारी ले जा चुके हैं। कलेक्टर ने बताया कि मशीनें चुनाव में उपयोग में नहीं लाई गर्इं। उन्हें अलग से रखा जाएगा। 


ईवीएम देरी से स्ट्रॉग रूप में पहुंचना मानवीय भूल: चुनाव आयोग

भोपाल। मप्र में मतदान के तीन दिन बाद भी ईवीएम जमा कराने को लेकर मचे बवाल पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। उन्होंने सागर, खरगोन और अनूपपुर में बिना उपयोग वाली ईवीएम के दो से तीन दिन की देरी जमा कराने को मानवीय भूल बताया है। मप्र को लेकर रावत ने शनिवार को कहा कि मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण निपटी है। उन्होंने कहा कि किसी भी ईवीएम में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। जो ईवीएम सामने आ रही हैं, उनका चुनाव में उपयोग नहीं हुआ है। 


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