सत्ता के लिए टोटके पर भरोसा, भाजपा दफ्तर में फिर बनी टंकी

भोपाल। सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दल सभी हथकंडे आज़मा रहे हैं। सत्तासीन भाजपा चौथी बार सरकार बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसमें टोटकों का सहारा भी लिया जा रहा है। 2003 में राजधानी स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में गार्ड रूम को तोड़ कर पानी की टंकी बनाई गई थी। बीजेपी की जीत के साथ इस तरह का मिथ्य जुड़ा है कि जब भी चुनाव होते हैं पार्टी टंकी का निर्माण करवाती है। 

तीन टर्म पूरे कर चुकी भाजपा अब टोटके का सहारा ले रही है। प्रदेश कार्यालय के बाहर इस बार भी सुरक्षाकर्मी का रूम तोड़कर वहां पानी की टंकी बनवा दी गई है। गौरतलब है कि 2003 से पहले भी उमा भारती के समय पानी की टंकी बनाई गई थी। पार्टी ने भारी मतों से जीत हासिल की थी, फिर दोबारा टंकी तोड़कर सुरक्षाकर्मी का कमरा बनाया गया था। इस बार फिर पुराने टोटके को बीजेपी आजमा रही।

शिवराज सिंह ने कैबिनेट में शामिल किए 4 बाबा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 संत बबाओं को कैबिनेट में शामिल किया था। ये 5 बाबा नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कंप्यूटर बाबा, भैय्यूजी महाराज और पंडित योगेंद्र महंत थे। इनमें से भैय्यूजी महाराज ने शिवराज सिंह का न्योता ठुकरा दिया था। कुछ समय बाद भैय्यूजी महाराज ने आत्महत्या कर ली। हालांकि, इन 4 बाबाओं के कैबिनेट में शामिल करने का मामला अंधविश्वास से अधिक वोट बैंक की राजनीति का है। हालांकि बाद में कंप्यूटर बाबा ने भी मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाकर इस्तीफा देदिया था।

सिद्धारमैया की कार पर बैठा कौवा

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जून 2016 में एक कौवे की वजह से अपनी कार बदल दी थी। बेंगलुरु मिरर की खबर के मुताबिक सिद्धारमैया की गाड़ी पर एक कौवा बैठ गया, जिसके बाद उस कौवे को शनि का प्रतीक मानते हुए मुख्यमंत्री के लिए नई गाड़ी खरीदने का आदेश जारी कर दिया गया। जिस नई कार को खरीदने का आदेश दिया गया था, उसकी कीमत 35 लाख रुपए थी।