सीएम के साले की ऐसी है चुनावी तैयारी, एक सांस में गिनाए 150 गांव, देखिये वीडियो

भोपाल।

दिल्ली में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद आज सीएम के साले संजय सिंह मसानी पहली बार पीसीसी पहुंचे। यहां उन्होंने कई बड़े नेताओं से मुलाकात कर चुनाव को लेकर चर्चा की। इस दौरान वे मीडिया से भी मुखातिब हुए और एक सांस में बालाघाट की वारसिवनी के डेढ़ सौ गांवों के नाम उंगुलियों पर गिना दिए। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया के सामने चैलेंज भी किया कि कोई उनकी तरह 150 गांवों के नाम यूं गिनाकर बताए।

संजय के इस अंदाज को ना सिर्फ मीडिया भी हैरान हुई बल्कि कांग्रेस नेता भी उन्हें एकटक निहारते नजर आए। संजय की इस हाजिर जवाबी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे चुनाव को लेकर कितने एक्टिव है और बालाघाट में उनकी सक्रियता कितनी है।

दरअसल, कांग्रेस नेता संजय सिंह मूल रूप से महाराष्ट्र के गोंदिया के रहने वाले हैं, लेकिन जब से शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने हैं बॉर्डर वाले एरिया में तेजी से एक्टिव हुए हैं। बालाघाट संजय सिंह का प्रभाव वाला इलाका माना जाता है। संजय सिंह इस जिले में लंबे वक्त से सक्रिय हैं और वारासिवनी सीट पर अपनी रुचि भी दिखाई है । बताया जा रहा है कि वहां उन्होंने अपना प्रभाव भी बना लिया है और वे कई बार जनता के बीच भी गए हैं। मध्यप्रदेश में कमलनाथ के बाद संजय सिंह ही हैं जो मूलत: कारोबारी हैं और राजनीति भी करना चाहते हैं। संजय सिंह की बॉलीवुड में अच्छी पकड़ है। देश के कई उद्योगपति घरानों से संजय सिंह के अच्छे संबंध हैं। 

ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि कांग्रेस उन्हें यहां से टिकट दे सकती है। भाजपा ने बालाघाट में  मौजूदा विधायक योगेंद्र निर्मल को फिर से मौका दिया है। पिछले दो चुनाव में योगेन्द्र भाजपा को बहुमत से जीत दिलाते आये है। पार्टी को भरोसा है कि योगेन्द्र इस बार भी उन्हें निराश नही करेंगें। बताया जाता है कि एक समय था जब वारासिवनी कांग्रेस का गढ़ था, लेकिन आज इस विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। वैसे तो विधानसभा के चुनावी समर में सीधा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा में होता है, हालांकि बसपा का भी यहां अच्छा खासा प्रभाव है। चुंकी इस बार बसपा का कांग्रेस से गठबंधन नही हो पाया है ऐसे में इस बार का मुकाबला त्रिकोणीय होने की ज्यादा संभावना है।