वेंटिलेटर सपोर्ट पर पूर्व सीएम बाबूलाल गौर, हालत बेहद नाजुक

भोपाल।

एक हफ्ते से भोपाल के नर्मदा अस्पताल में भर्ती पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की हालत अब और ज्यादा क्रिटिकल हो चली है।बेहद नाजुक हालत के चलते लगातार डॉक्टर्स की टीम उनकी निगरानी कर रही है।डाक्टरों का कहना है कि गौर की हालत बहुत क्रिटिकल है। वे अभी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।अस्पताल में बाबूलाल गौर की पुत्रवधू और भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा गौर  वहां मौजूद हैं।  वही  हालत गंभीर होने की सूचना के बाद आज सुबह से अस्पताल में भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों का तांता लगा हुआ है। फिलहाल उनसे मिलने की इजाजत किसी को नहीं दी जा रही है। बताया जा रहा है कि गौर के रिश्तेदार भोपाल पहुंच गए हैं।  

आपको बता दें कि बीते 7 अगस्त को पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाबूलाल गौर को फेफड़ों में इन्फेक्शन की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां प्रारंभिक जांच के बाद उनमें निमोनिया के लक्षण पाए गए। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखने का फैसला किया । गौर की हालत चिंताजनक है, उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है।अब ।वह किसी को पहचान नही पा रहे है। एंजियोप्लास्टी के बाद से कमजोरी बढ़ गई है। हृदय भी कमजोर हो गया है। उम्र के कारण रिकवरी धीमी हो रही है। 

बीते कई दिनों से चल रहे है बीमार

बता दें कि पिछले महीने हार्ट में परेशानी के चलते गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में बाबूलाल गौर को भर्ती करवाया गया था। उनकी एंजियोग्राफी की गई, जिसमें पाया गया कि तीन नसें बंद हैं। वहीं, उस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री की उम्र अधिक होने के कारण डॉक्टर तय नहीं कर पा रहे थे कि सर्जरी की जाए या नहीं। बताया गया कि डॉक्टरों की कोशिश थी कि दवाओं से राहत दिलाई जाए, क्योंकि ज्यादा उम्र होने कारण सर्जरी के दौरान खतरा हो सकता है।अप्रैल में उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था। वे लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे। जुलाई के दूसरे पखवाड़े में उन्हें हार्ट की दिक्कत आने के बाद एक बार फिर से उन्हें भोपाल के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

विधायक से सीएम तक रह चुके है गौर 

आपको बता दें कि बाबूलाल गौर 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके बाद शिवराज सिंह चौहान सूबे के मुख्यमंत्री बने थे। बाबूलाल गौर लगातार 10 बार गोविंदपुरा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। 2018 के चुनाव में पार्टी ने उनकी जगह उनकी बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया था। कृष्णा गौर गोविंदपुरा से पहली बार विधायक बनी हैं।



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