लोकसभा चुनाव से पहले सरकार की बड़ी सौगात, नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें

भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार जनता पर महरबान है। वोटरों पर डोरे डालने के लिए लोक लुभावनी योजनाओं और सौगातें जनता को मिलने वाली हैं। दोनों ही राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े बड़े ऐलान करने की तैयारी में हैं। फिलहाल कांग्रेस सरकार जनता पर बड़ी राहत देने का मूड बना रही है। सूत्रों के मुताबिक बिजली दरों में फिलहाल कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी। 

सियासी हालात देखते हुए लोकसभा चुनाव से पहले बिजली दरें बढ़ने का फैसला फिलहाल टल गया है। बिजली कंपनी डिस्कॉम ने अपना पुराना प्रस्ताव जिसमें बिजली दरें बढ़ाने के लिए कहा गया था उसे रद्द कर दिया है। बिजली कंपनी ने पहले लिखा था कि उसे राजस्व घाटे को बढ़ाने के लिए कंपनी दरों को बढ़ाने का फैसला कर सकती है। डिस्कॉम ने मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (एमपीईआरसी) के समक्ष प्रस्तुत वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एएआर) में लगभग 550 करोड़ रुपये का राजस्व अंतर दिखाया था। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी बिजली दरों में किसी भी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी। 

पिछले लोकसभा चुनाव के समय भी पॉवर कंपनी डिस्कॉम ने पॉवर ट्रेरिफ में कोई बदलाव नहीं किया था। सूत्रों के मुताबिक वित्तीय वर्ष के अनुमानों के अनुसार डिस्कॉम की कुल राजस्व आवश्यकता 34,000 करोड़ रुपये है और अनुमानों के अनुसार, विभिन्न माध्यमों से डिस्कॉम को जो राजस्व प्राप्त होगा, वह आवश्यकता से केवल 1.59% कम है, इसलिए कंपनी ने केवल 1.59% की कुल टैरिफ बढ़ोतरी के लिए मांग की थी। हालांकि, इस सवाल का जवाब अभी नहीं मिला है,  एमपीईआरसी ने अक्टूबर 2018 में एक आदेश पारितका किया है, जिसने डिस्कॉम को 3,800 करोड़ रुपये की वसूली करने की अनुमति दी थी, जो कि इस वर्ष के टैरिफ में उपभोक्ताओं से वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए नुकसान के रूप में हुई थी।

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