एमपी में भारी बारिश ने मचाई तबाही, कई मंदिर डूबे, 6 युवक बहे, आगे ऐसा रहेगा मौसम

भोपाल।

मध्यप्रदेश में लगातार भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है, कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है , कई जगहों के मार्ग बंद हो गए है, गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है तो कई जगहों पर शनिवार को स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।वही नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जबलपुर में बरगी डेम के 15 गेट शुक्रवार को खोल दिए हैं। वहीं उज्जैन में गंभीर डेम के चार गेट और भोपाल के भदाभदा के भी दो गेट खोल दिएगए हैं। हरदा में 3 साल बाद भारी बारिश के कारण गुप्तेश्वर मंदिर का पुल डूब गया है। इधर, रायसेन के उदयपुरा और बरेली में बाढ़ में फंसे 16 मजदूरों को प्रशासन ने सकुशल निकाल लिया है।

नर्मदा में कार समेत बहे तीन युवक, सुरक्षित निकाला 

मंडला में भी नर्मदा नदी उफान पर है. यहां पिकनिक मनाने कार से गए 3 युवक अचानक नदी के जलस्तर बढ़ने से नर्मदा की तेज धार में बह गए, हालांकि उनकी कार पत्थर से टकराने के बाद रुक गई। इसके बाद तीनों युवक कार की छत पर चढ़ गए थे। इसके बाद पुलिस को फोन किया, जिसके बाद उन्हें रेस्क्यू कर वहां से निकाला गया।

सारंगपुर में बहे तीन युवकों में से दो लापता

 राजगढ़ जिले के सारंगपुर क्षेत्र के अमलावता गांव के तीन युवक हए गए जिसमें से एक बच गया बाकी दो की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि तीनों बीती रात करीब पौने ग्यारह बजे बाइक से इकलेरा जा रहे थे। काई नदी का रपटा पार करते समय वे तीनों बह गए। इनमें से मोहन भिलाला(20) खजूर का पेड़ पकड़कर बच गया।उसे वहां मौजूद ग्रामीणों ने निकाल लिया। जबकि दिव्यांग बबलू राजपूत (25) और सोनू वर्मा(22) का शुक्रवार शाम तक सुराग नहीं लगा।फिलहाल दोनों युवकों की तलाश जारी है।

मंदसौर पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा पानी, टैक्टर बहा

मंदसौर में पिछले 4 दिन से हो रही बारिश से निचले इलाके जलमग्न हो गए है। घरों और दुकानों में पानी भरने से लोग परेशान नजर आए। शिवना नदी भी उफान पर है। शिवना का जल स्तर भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह से कुछ ही फीट कम रह गया है। इतना ही नहीं मंदसौर में पुल पार कर रहा एक ट्रैक्टर बह गया। 

खंडवा में ट्रक बहा

शुक्रवार को खंडवा में इंदौर इच्छापुर हाईवे पर भैरव घाट पर बारिश के पानी का सैलाब आ गया। पहाड़ों का पानी हाईवे पर आ गया। इसके बाद प्रशासन ने हाइवे बंद करा दिया। वहीं धार के उमरबन में नदी पार कर रहा एक ट्रक बह गया, पानी का बहाव इतना तेज था कि ट्रक किसी लकड़ी की तरह बहता नजर आया। हालांकि ड्राइवर ने किसी तरह अपनी जान बचाई।

दो साल बाद भोपाल के भदभदा के गेट खोले

भाेपाल के बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल होते ही शनिवार सुबह भदभदा के दो गेट खोल दिए गए। इससे पहले 2017 में बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल हुआ था और भदभदा के गेट खोले गए थे। शुक्रवार दोपहर 12 बजे जलस्तर 1666.00 फीट था, जो 2 बजे 1666.10, दोपहर 4 बजे 1666.20 और शाम 6 बजे 1666.50 फीट हो गया। रात एक बजे के करीब 1666.80 को छू गया। तड़के इसके तय लेवल को पार करते ही गेट खोलने की तैयारियां शुरू कर दी गई। सुबह छह बजे सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया गया । इसके बाद सुबह आठ बजे गेट खोल दिए गए। 

मंदिरों में घुसा पानी, घरों-दुकानों में घुसा पानी, कई मार्ग बंद

खरगोन में लगातार बारिश के बाद कुंदा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का पानी गणेश मंदिर के नीचे तक पहुंच गया। जिससे लिंक रोड भी डूब गई। अधिकारियों ने नदी के किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी किया है। वहीं शाजापुर में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़के तालाब में तब्दील हो गई है। बस्तियों में घरों और दुकानों में पानी भरने से लोग परेशान है। जिले में नदी नाले उफान पर है। शाजापुर-आगर और शुजालपुर-आष्टा समेत कई मार्ग बंद हैं।

नदिया उफान पर, मार्ग बंद

देवास के देवगढ़ में कालीसिंध उफान पर आने से हाटपिपल्या-टप्पा व्हाया आष्टा मार्ग 17 घंटे बंद रहा। ग्रामीणों को 20 किमी का चक्कर लगाकर जाना पड़ा। वहीं चापड़ा में गुनेरा-गुनेरी की नदी 10 घंटे में दो बार उफनने से चापड़ा-बागली मुख्य मार्ग 5 घंटे बंद रहा। 

राजघाट स्थित लाल देवल डूबने पर सूरत हाईअलर्ट पर

बुरहानपुर में लगातार हो रही बारिश से ताप्ती नदी उफान पर है। नदी दूसरे दिन भी खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर से बही। बैतूल और जलग्रहण क्षेत्र में बारिश होने से पांच घंटे में ही ताप्ती का जलस्तर 226 मीटर पर पहुंच गया। वहीं बारिश के कारण हाईवे पर पेड़ गिरने से दो घंटे तक यातायात प्रभावित हुआ। ताप्ती नदी में आई बाढ़ ने राजघाट स्थित लालदेवल को आधे से ज्यादा डुबो दिया है। अन्य मंदिर भी जल मग्न हो चुके हैं। इससे प्रशासन ने शहर की निचली बस्तियों में लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। बुरहानपुर के राजघाट स्थित लाल देवल डूबने पर गुजरात के सूरत में प्रशासन द्वारा हाई अलर्ट घोषित कर दिया जाता है।

इन जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित

 चार दिनों से हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई निचली बस्तियां तालाब में तब्दील हो गई हैं। भारी बारिश को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने बड़वानी, उज्जैन, झाबुआ और मंदसौर में स्कूलों में शनिवार को अवकाश घोषित कर दिया है। 


उज्जैन में प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

उज्जैन में जोरदार बारिश के कारण कई मंदिर पानी में डूब गए हैं। गंभीर डैम का जल स्तर बढ़ने से डैम के 4 गेट खोले गए है।   शिप्रा नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। शिप्रा नदी में बाढ़ के कारण रामघाट में बने कई मंदिर डूब गए हैं।अभी शिप्रा नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इस कारण शहर के कई हिस्सों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है।ऐसे में प्रशासन ने भी लोगों को अलर्ट रहने को कहा है।

आगे ऐसा रहेगा मौसम

भोपाल स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के अनुसार इंदौर में अगले एक सप्ताह तक लोकल सिस्टम बनने से हल्की बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में 13 अगस्त को हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनेगा जो 15 व 16 अगस्त तक ग्वालियर व चंबल संभाग पर ज्यादा असर करेगा। 17 अगस्त के बाद इंदौर संभाग में मध्यम व अच्छी बारिश होने की संभावना है।





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