'कर्जमाफी' से वोट बटोरेगी कांग्रेस, मुख्यमंत्री के एसएमएस को भुनाएगी भाजपा

भोपाल। विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में भी किसान प्रमुख मुद्दा रहेगा। राजनीतिक दलों ने किसान की दुर्दशा के मुद्दे को लेकर एक-दूसरे की घेराबंदी करने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस जहां कर्जमाफी को लेकर किसान के बीच जाने को लालायित है, वहीं भाजपा कर्जमाफी को किसानों के साथ बड़ा धोखा बनाने का ढिंढौरा पीटने की तैयारी में है। भाजपा मोदी सरकार की किसान समृद्धि योजना का पैसा मप्र के किसानों के खातों में नहीं पहुंचने को लेकर भी चुनाव में कांग्रेस की घेराबंदी करेगी। 

लोकसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद आचार संहिता लागू हो गई है। अब भाजपा ने कांग्रेस सरकार से हिसाब मांगना शुरू कर दिया है कि कितने किसानों का कर्जा माफ किया है। भाजपा लोकसभा चुनाव में कर्जमाफी को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा 6 जून 2018 को मंदसौर की सभा में कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर कर्जा माफ करने का ऐलान किया था, भाजपा गांधी की इसी घोषणा से जुड़ी वीडियो रिकॉर्डिंग को जनता के बीच लेकर जाएगी और पूछेगी कि कितने किसानों का कर्जा 10 दिन में माफ हुआ। क्योंकि कांग्रेस की सरकार को तीन महीने होने जा रहे हैं। 


मुख्यमंत्री के एसएमएस को भुनाने में जुटी भाजपा

रविवार को लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम से प्रदेश के किसानों के नाम पर एक मैसेज भेजा था। जिसमें लिखा था कि 'जय किसान फसल ऋण माफी योजना में आपका आवेदन मिला है। लोकसभा चुनाव आचार संहिता के  कारण आपकी ऋण माफी अभी स्वीकृत नहीं हो पाई है। चुनाव के बाद शीघ्र स्वीकृति की जाएगी । यह संदेश मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम से जारी हुआ था। भाजपा इसी एसएमएस को लेकर किसानों के बीच जाएगी। भाजपा के मीडिया प्रमुख लोकेन्द्र पारासर ने ट्वीट के जरिए कहा कि अब कांग्रेस के षड्यंत्र का खुलासा हो गया है। कांग्रेस ने ऋण माफी का झूठ बोला था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आचार संहिता लगने से पहले ही किसानों को मैसेज भेज दिए कि आचार संहिता लगने के कारण आापकी ऋण माफी नहीं हो पा  रही है। यह गंभीर मामला है, इसकी जांच जरूरी है। 


हर नेता की सभा में उठेगा कर्जमाफी का मुद्दा

लोकसभा चुनाव में भाजपा की हर सभा में कर्जमाफी का मुद्दा छाया रहेगा। प्रदेश भाजपा ने तय किया है कि किसान मोर्चा से लेकर प्रधानमंत्री मोदी की सभा में भी मप्र की कांग्रेस सरकार पर कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया जाएगा। भाजपा इस मुद्दे को भुनाने की तैयारी कर चुकी है। खास बात यह है कि राहुल गांधी की 10 दिन में कर्जमाफी की घोषण को मप्र में ही देशभर में भुनाया जाएगा। भाजपा नेताओं की ओर से यह बताया जाएगा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने विधानसभा चुनाव से पहले मप्र के किसानों से 10 दिन में कर्जा माफी का वचन दिया था, जिसे ढाई महीने तक पूरा नहीं किया और अब चुनाव आचार संहिता के नाम पर जिम्मेदारी से बच रहे हैं। 

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