VIDEO: दिग्विजय के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे शिवराज..? मिला यह जवाब

भोपाल| भाजपा की सबसे मजबूत सीटों में से एक भोपाल सीट पर पार्टी प्रत्याशी तय नहीं कर पा रही है| हालाँकि भाजपा नेताओं का कहना है कि कोई दिक्कत नहीं है| उम्मीदवार घोषित करने की कोई जल्दी नहीं है| जबकि कांग्रेस का मानना है कि दिग्विजय का नाम भोपाल से फाइनल होने के बाद से ही भाजपा में हड़कंप है और इसी कारण उनका मुकाबला करने के लिए भाजपा को उम्मीदवार नहीं मिल रहे| मुख्यमंत्री कमलनाथ तो भाजपा को विज्ञापन जारी करने की सलाह दे चुके हैं| देश भर में भोपाल सीट को लेकर चर्चा है| इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम एक बार फिर भोपाल से सामने आया है| जिस पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी| शिवराज ने कहा मैं पहले ही कह चुका हूँ कि चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक नहीं हूँ, लेकिन पार्टी जो फैसला करेगी वो स्वीकार है| 

दरअसल, कांग्रेस अब तक 25 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का एलान कर चुकी हैं, वहीं कांग्रेस ने 21 प्रत्याशी घोषित किये हैं| भोपाल में इस बार कांग्रेस ने अपने सबसे सीनियर और कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने के लिए मैदान में उतारा है| दिग्विजय के आने से समीकरण बदले हैं, यही कारण है कि भोपाल सीट पर फैसला लगातार टलता रहा और एक के बाद एक कई बड़े नेताओं के नाम इस सीट से चर्चा में आ गए| स्थानीय दावेदारों के अलावा नरेंद्र तोमर और उमा भारती का नाम भी तेजी से आगे बढ़ा| इसके बाद अब शिवराज का नाम एक बार फिर तेजी से उभर कर आया है| कहा जा रहा है कि पार्टी हाई कमान शिवराज को भोपाल से चुनाव लड़ाने पर सहमत है और उन्हें दिग्विजय के खिलाफ प्रत्याशी बनाया जा सकता है| 

पार्टी जो फैसला करेगी स्वीकार, उमा का स्वागत 

भोपाल से चुनाव लड़ने के सवाल पर शिवराज ने पहले जैसा ही जवाब दिया| उन्होंने कहा मैने पहले हीं स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव लड़ने का इच्छुक नहीं हूं, लेकिन पार्टी जो फैसला करेगी वो स्वीकार है| भोपाल सीट के संशय पर कहा जल्द ही 2 से 3 दिन में स्पष्ट हो जाएगा| वहीं भोपाल से उमा भारती के चुनाव लड़ने के कयासों पर कहा  सबका स्वागत है| 

तोमर, उमा के बाद फिर शिवराज की चर्चा 

शुक्रवार को दिन भर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम तेजी से मीडिया में चला, हालांकि उमा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं, लेकिन बताया जा रहा था कि संघ और पार्टी नेताओं ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए मना लिया| लेकिन अब तेजी से समीकरण बदले हैं और एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम सामने आया है| कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के सामने शिवराज भाजपा के प्रत्याशी हो सकते हैं| सूत्रों के मुताबिक नरेंद्र सिंह तोमर और उमा भारती का नाम आगे आने के बाद शिवराज ने चुनाव लड़ने की सहमति दे दी है| पार्टी आज ही अपनी बची हुई सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर सकती है|  बताया जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व ने शिवराज को भोपाल से चुनाव लड़ने के लिए मना लिया है|  जब कांग्रेस ने कठिन सीट के फॉर्मूले के तहत दिग्विजय को भोपाल से प्रत्याशी बनाया था तब से ही भाजपा यहां मजबूत चेहरे को लाना चाहती है| 


...तो 16 साल बाद होगा मुकाबला 

भोपाल से अब एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम तेजी से चर्चा में आया | सूत्रों की मानें तो भोपाल से भाजपा शिवराज सिंह चौहान को प्रत्याशी बना सकती है, यदि ऐसा होता है तो 16 साल बाद दोनों नेता एक दूसरे के सामने होंगे। शुक्रवार को उमा भारती के नाम की चर्चा मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक खूब सुर्ख़ियों में रही| भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने ऑफ़ द रिकॉर्ड बताया कि मध्य प्रदेश के बड़े नेता उमा भारती को मध्य प्रदेश की राजनीती में वापस नहीं आना देना चाहते, इसी वजह से उनका भोपाल आना मुश्किल हैं| बताया यह भी जा रहा है कि भोपाल, विदिशा सीट पर शिवराज बाहरी को पैर नहीं ज़माना देने चाहते हैं, इसीलिए वे दोनों ही सीट से चुनाव लड़ने को राजी है| अगर शिवराज भोपाल से चुनाव लड़े तो विदिशा से भी शिवराज की पसंद का ही नेता चुनाव लड़ेगा, इस बात की पूरी संभावना है| 


इसलिए चर्चा में आया उमा का नाम 

उमा भारती का नाम तब तेजी से चर्चा में आया जब केंद्रीय मंत्री उमा भारती आरएसएस कार्यालय पहुंची, उन्होंने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल से भी मुलाकात की। इन दो मुलाकात के बाद ही कयास लगाए गए कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सिफारिश पर उमा को कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल से चुनाव मैदान में उतारने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि उमा भारती चुनाव नहीं लड़ना चाहती है| 


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