BJP विधायक का गंभीर आरोप- 'करोड़ों में हुआ टिकट का सौदा, प्रभात झा ने लिए पैसे'

टीकमगढ़। मध्य प्रदेश में प्रत्याशियों का एलान करते ही बीजेपी में बगावत के सुर फुट पड़े हैं| जिनके टिकट कटे हैं वे अब पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल रहे हैं|   सीहोर के पूर्व विधायक रमेश सक्सेना और रतलाम के वर्तमान विधायक मथुरालाल डाबर के बाद एक और भाजपा नेता ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है।टीकमगढ़ से बीजेपी के विधायक केके श्रीवास्तव ने कहा है कि यह जगजाहिर है कि टीकमगढ़ का टिकट बिका है, करोड़ो में सौदा हुआ है| बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद प्रभात झा पर उन्होंने रुपए लेकर टिकट दिलाने का आरोप लगाया है, इसके अलावा विधायक ने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा बीजेपी को किसी की रखैल नहीं बनने देंगे 

दरअसल, भाजपा ने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है। भाजपा ने बुंदेलखंड में निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी चारों सीटों से अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पृथ्वीपुर और टीकमगढ़ के विधायकों के टिकट काटकर नए चेहरों को मौका दिया गया है। पृथ्वीपुर से अभय प्रताप यादव को तो टीकमगढ़ से राजेश गिरी को भाजपा ने अपना चेहरा बनाया है। इसके साथ ही इस बार तीन मंत्री और 27 विधायकों का टिकट काटा गया है। इसमें टीकमगढ़ से भाजपा  विधायक केके श्रीवास्तव भी शामिल है। टिकट काटे जाने से भाजपा विधायक बगावत पर उतर आये हैं|  

के के श्रीवास्तव ने अपने निवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं जो पार्टी को सोचने पर विवश कर सकते हैं| के के श्रीवास्तव का कहना था कि हम लोग आर एस एस की कार्य करता है और पार्टी को हम लोगों ने सींचा है| हम भारतीय जनता पार्टी को किसी एक व्यक्ति परिवार की रखैल नहीं बनने देंगे और पार्टी को इसका परिणाम 11 दिसंबर के दिन पता चल जाएगा | टिकट बदले जाने पर के के श्रीवास्तव का आरोप था कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने रुपए लेकर के टिकट बेचा है उन्होंने उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह के टिकट पर भी सवाल खड़ा किया है | उन्होंने पार्टी से पूछा है कि सर्वे रिपोर्ट में खराब था तो क्या राहुल सिंह का सही था उनको आखिरकार किस वजह से टिकट दे दिए गए वर्ष 2013 में चुनाव हार गए थे के के श्रीवास्तव ने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ताओं समर्थन किया तो पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।


ऐसा रहा इस सीट का इतिहास

टीकमगढ़ विधानसभा सीट पर हमेशा से ही कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर रही है। यह सीट वर्तमान में बीजेपी के पास है। यहां से कृष्णा कुमार  श्रीवास्तव विधायक है। पिछले चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के यादवेन्द्र सिंह को 17 हजार से अधिक मतों से हराया था। 2008 के चुनाव में यादवेन्द्र सिंह यहां से चुनाव जीतकर आए आए थे। वो इस सीट से सात बार चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन तीन बार ही उन्हें जीत हासिल हुई है। अब वो एक बार फिर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। बुंदेलखंड का यह इलाका हमेशा से ही पानी की समस्या से जूझता रहा है। पिछले तीन सालों से यह जगह सूखे के भी चपेट में है। लेकिन ना तो बीजेपी इस समस्या को सुलझा पाई है और ना ही कांग्रेस। यहां के जातीय समीकरण की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा अनुसूचित जनजाति के वोटर्स हैं। इसके अलावा यादव, ठाकुर वोटर्स का भी यहां ख़ासा प्रभाव है।