पत्नी साधना और खुद के लोकसभा चुनाव लड़ने पर क्या बोले शिवराज, देखें वीडियो

भोपाल। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही राजनैतिक पार्टियों में हलचल तेज हो गई। एक के बाद एक नेता अपने दावेदारी ठोक रहे है, इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान सामने आया है। लोकसभा चुनाव लड़े जाने के सवाल पूछने पर शिवराज का कहना है कि मैं देश-प्रदेश में चुनाव लड़वाउंगा और आगे पार्टी जो फैसला करेगी वह मुझे मंजूर होगा। वही पत्नी साधना सिंह के चुनाव लड़े जाने पर शिवराज ने कहा कि अभी कही से नाम प्रस्तावित नही है, फैसला पार्टी को करना है।

दरअसल, विधानसभा चुनाव के बाद से ही शिवराज के विदिशा से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही है,  जिसका प्रतिनिधित्व फिलहाल विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कर रही हैं। सुषमा स्वराज पहले ही अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर चुकी हैं।हाल ही में भोपाल और छिंदवाड़ा से भी शिवराज का नाम आगे आया है ,क्योंकि कमलनाथ यहां से विधानसभा चुनाव लड़ेंगें और उनकी जगह उनका बेटे नकुलनाथ यहां से लोकसभा चुनाव लड़ेंगें। इसी तरह कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी का नाम दौड़ में शामिल होने पर कयास लगाए जा रहे थे कि शिवराज की पत्नी साधना भी मैदान मे उतर सकती है। इसी बीच आज पत्रकारों से चर्चा के दौरान शिवराज ने साफ कर दिया कि वे मध्यप्रदेश में चुनाव लड़ेंगें नही बल्कि लडवाएंगें, हालांकि उन्होंने कहा कि आगे जो पार्टी का फैसला होगा मंजूर होगा। वही पत्नी साधना सिंह के चुनाव लड़ने पर शिवराज ने कहा कि उनका कोई नाम नही चल रहा है। पार्टी को फैसला लेना है उन्हें चुनाव लडाना है या नही। पार्टी जो भी फैसला करेगी हमें स्वीकार होगा।हमारा टारगेट मध्य प्रदेश में पूरी 29 सीट जीतने का है। हम पिछली सफलता को दोहराएंगे।

वही विधानसभा चुनाव के बाद से ही शिवराज को साइड लाइन किए जाने पर भी विराम लग गया। बीते कई दिनों से मीडिया में ये खबरे सुर्खियां बटोर रही थी कि चुनाव के बाद पद से हटते ही बीजेपी द्वारा  शिवराज को साइड लाइन किया जा रहा है।बीते दिनों कुछ ऐसे घटनाक्रम भी हुए थे, जिसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो चला था।लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी के बाद पार्टी ने उन्हें पूरे देश का जिम्मा सौपा है। लोकसभा चुनाव में वो सिर्फ तीन दिन प्रदेश में मौजूद रहेंगे। पार्टी ने उनकी नयी भूमिका तय कर दी है। शिवराज ने बताया कि वो 3 दिन मध्यप्रदेश को दें, बाकी दिन वो देश को देंगे। शिवराज ने अपनी भूमिका को लेकर ये साफ कर दिया है कि वो पूरा समय प्रदेश को नहीं देंगे, यहां उनकी सक्रियता सीमित समय के लिए रहेगी।





"To get the latest news update download the app"