खरगोन के स्कूलों में ऐसे लगती है अटेंडेन्स, बच्चे कहते हैं 'शौचालय है' या 'शौचालय नहीं '

खरगोन| मध्य प्रदेश में स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय बनवाने और उपयोग करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी अनूठा प्रयास कर जागरूकता फैला रहे हैं| वहीं खरगोन जिला कलेक्टर अशोक वर्मा द्वारा इस अभियान को सार्थक बनाने स्कूलों को दिया गया एक निर्देश चर्चा का विषय बना हुआ है| इसके तहत जब स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति INSERT INTO [dbo].[wp_posts] VALUES (अटेंडेंस) दर्ज कराने के दौरान शौचालय है या शौचालय नहीं है कहना होगा| जागरूकता फैलाने के उदेश्य से जारी किये आदेश के बाद अब बच्चों को नए तरीके की इस तरह अटेंडेंस देना सिखाया जा रहा है|\r\nकलेक्टर अशोक वर्मा से निर्देश मिलने के बाद खरगोन में आदिवासी विकास सहायक आयुक्त नीलेश रघुवंशी ने सभी स्कूलों को इस आशय का फरमान जारी किया है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के प्रयोग से बच्चों और उनके परिवारों में टॉयलेट निर्माण के लिए जागरूकता फैलेगी| शिक्षा अधिकारी कहते हैं कि इस तरकीब से शौचालय निर्माण के लिए जागरुकता फैलेगी| जो बच्चा अटैंडेंस के दौरान टॉयलेट नहीं है बोलेगा उसके परिवार से संपर्क कर उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित किया जायेगा|

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