तो क्या मिकी माउस भी बन सकता है अमेरीका का राष्ट्रपति...?

हिन्दुस्तान में चुनाव हो और कोई आपसे पूछे कि क्या आप 'छोटा भीम' को वोट देंगे..?भारत के परिपेक्ष्य में ये सवाल भले ही आपको बेवकूफ़ाना लगे. लेकिन दुनिया के सबसे ताकतवर समझे जाने वाले देश अमेरिका में ये सवाल बेमानी नहीं है. यह अमरीकी चुनाव की एक अनोखी बात है, जिससे कम ही लोग वाकिफ़ होंगे.\r\nअमरीकी चुनाव में वोटरों को उन उम्मीदवारों के नाम बैलेट पेपर पर लिखने की इजाज़त है, जो अधिकारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव तक नहीं लड़ रहे. अमरीका के सात राज्य ऐसे हैं जो इस तरह के वोट को गिनते हैं. ये राज्य हैं वरमोंट, न्यू हैंपशायर, न्यू जर्सी, अल्बामा, आइओवा, पेनसेल्वेनिया और रोड्स आइलैंड.\r\nइस तरह की वोटिंग में सबसे ज्यादा वोट जिस कैरेक्टर के लिये पड़ते हैं वह है मिकी माउस. इस तरह की वोटिंग को कई बार चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों के विरोध के रूप में भी देखा जाता है. कुछ हद तक इसकी तुलना भारतीय चुनावों में नोटा के विकल्प से की जा सकती है.\r\n\r\nहालाँकि राष्ट्रपति चुनाव में ऐसे वोटों की तादाद नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में नहीं होती है. लेकिन बात अगर सीनेटर को चुनने की हो तो ऐसे वोटों की अहमियत से इंकार नहीं किया जा सकता. अलास्का में रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार लीसा मरकोवस्की 2010 में इस तरह की वोट की बदौलत सीनेटर चुनी गई थीं. इससे पहले भी कुछ सांसद इस तरह से चुने जा चुके हैं.\r\n\r\nतो क्या कभी ये भी संभव है कि अमेरिका की जनता राष्ट्रपति के लिये मिकी माउस या डोनाल्ड डक को चुन ले..? अमेरिकी चुनाव व्यवस्था इसकी इजाज़त तो देती है, लेकिन परिपक्व लोकतंत्र में ऐसा होना तकरीबन असंभव है.\r\nwdf_1750693

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