मंत्री धुर्वे की बर्खास्तगी पर अड़ा राजस्व कर्मचारी-अधिकारी संघ, सीएम के साथ बैठक का किया बहिष्कार

\r\nभोपाल| मध्य प्रदेश की सरकार एक बार फिर बड़े संकट में फसती नजर आ रही है| मंत्रियों और विधायकों के बड़े बोल सरकार को घेरे हुए हैं| प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे द्वारा अनूपपुर में भरे मंच से तहसीलदार को गालियां देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर राजस्व अधिकारी-कर्मचारी संग ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से होने वाली बैठक का बहिष्कार कर दिया है और मंत्री धुर्वे की बर्खास्तगी पर अड़ गए हैं| अधिकारी-कर्मचारियों ने यह बात ठान ली है की अब मंत्री को बर्खास्त किया जाये| \r\nखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धुर्वे पिछले दिनों अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ के लीला टोला में लोककल्याण शिविर में पहुंचे थे। यहां उनसे कुछ किसानों ने शिकायत करते हुए कहा था कि सूखा राहत राशि के चेक अब तक नहीं मिले हैं। इस पर मंत्री ने तहसीलदार लक्ष्मण प्रसाद पटेल को बुलाकर जमकर खरी-खोटी सुनाईं। उन्हें गालियां तक बक दीं।\r\nप्रदेशभर में आक्रोश...\r\nधुर्वे के इस बर्ताव से प्रदेशभर के कर्मचारी नाराज हैं। मंगलवार को उन्होंने हड़ताल करने का ऐलान किया था। हालांकि मुख्यमंत्री ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया, तो हड़ताल स्थगित कर दी गई।\r\nइससे पहले मंगलवार को सुबह एसडीएम, तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर मध्यप्रदेश प्रशासनिक सेवा संघ के कार्यालय आकांक्षा भवन में एकत्रित हुए। यहां से सीएम से चर्चा करने के लिए पहुंचे। संघ की मांग है कि, खाद्य मंत्री धुर्वे के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। साथ ही प्रदेश के मंत्री एवं विधायकों के लिए आदर्श आचार संहिता बनाई जाए।\r\n

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