आनंद राय ने किसे कहा फर्जी फकीर और फर्जी मामा?

भोपाल| चुनाव के वक्त जिन टंट्या भील को समाज का गौरव बता कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासियों से वोट मांगते है,उन्ही टंट्या भील की पुन्यतिथि को आज शिवराज सरकार भूल गयी।यह आरोप आरटीआई एक्टीविस्ट आनंद राय ने लगाया है।अपने ट्विटर पर आनंद राय ने लिखा है” आजादी के महानायक, आदिवासी योद्धा, राष्ट्र गौरव तंट्या भील की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करना भूला फर्जी फ़क़ीर,और फर्जी मामा”आनंद राय ने आगे लिखा है” सिर्फ चुनाव के वक्त याद आते हैं आदिवासी/वनवासी”दरअसल आदिवासी समाज में टंट्या भील की छवि ईश्वर के समान है


कौन है टंट्या भील

आदिवासियों में महापुरुष के रुप में जाने जाते है।स्वाधीनता के स्वर्णिम अतीत में जाँबाजी का अमिट अध्याय बन चुके आदि विद्रोही टंट्या भील अंग्रेजी दमन को ध्वस्त करने वाली जिद तथा संघर्ष की मिसाल है। टंट्या भील के शौर्य की छबियां वर्ष 1857 के बाद उभरीं। जननायक टंट्या ने ब्रिटिश हुकूमत द्वारा ग्रामीण जनता के शोषण और उनके मौलिक अधिकारों के साथ हो रहे अन्याय-अत्याचार की खिलाफत की। दिलचस्प पहलू यह है कि स्वयं प्रताड़ित अंग्रेजों की सत्ता ने जननायक टंट्या को “इण्डियन रॉबिनहुड’’ का खिताब दिया।

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