आचार संहिता का डर, कुर्सी पर रख ही कर दिया शिलालेख का अनावरण

होशंंगाबाद।

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले है, इसको लेकर आज चुनाव आय़ोग ने बैठक बुलाई है, अनुमान है कि आज तारीखों का ऐलान हो सकता है और कभी भी आचार संहिता की घोषणा की जा सकती है, जिसको लेकर राजनैतिक पार्टियों में बैचेनी बढ़ गई है। सालों से सत्ता का सुख भोग रही भाजपा चौथी बार सरकार बनाने की पुरुजोर कोशिश किए हुए है। ऐसे में मुख्यमंत्री तबाड़तोड़ घोषणाएं कर रहे है और उनके नेता जल्द से जल्द लोकार्पण औऱ शिलान्यास कर जनता के बीच विकास कार्यों को बताने में लगे हुए है। इन कामों में इतनी जल्दबाजी की जा रही है, अब तो शिलालेख भी बनने का इंतजार नही किया जा रहा और सीधा करोड़ों के कामों का कुर्सी पर शिलालेख रख कर ही शिलान्यास कर दिया जा रहा है।

 दरअसल, मामला होशंगाबाद नगरपालिका का है। आचार संहिता लगने के पहले नपा सहित अन्य विभागों के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन, शिलान्यास, अनावरण हो रहे हैं। नपा ने शुक्रवार को 5.96 करोड़ रुपए के भूमिपूजन कराए।हैरानी की बात ये है कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा, नपाध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल ने 4.25 करोड़ की लागत से होने वाले करीब 93 विकास कार्यों का बिना शिलालेख के लगवाए कुर्सी पर रखकर ही अनावरम कर दिया। शिलान्यास ऐसी जल्दीबाजी में किए कि शिलालेख भी नहीं बनवाए गए। फ्लैक्स पर एक साथ 93 कामों को दिखाया गया, जो हकीकत में समझ भी नहीं आ रहे। 

 गौरतलब है कि चुनाव आयोग राज्य में चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ-साथ आचार संहिता भी लागू कर देता है। इसके लागू होते ही राज्य सरकार और प्रशासन पर कई बंदिश लग जाती हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में किसी नई योजना की घोषणा नहीं हो सकती। हालांकि कुछ मामलों में चुनाव आयोग से अनुमति लेने के बाद ऐसा हो सकता है। मुख्यमंत्री या मंत्री अब न शिलान्यास करेंगे न लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होगा, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो। ऐसे में सरकार में बैचेनी और बढ़ गई है. जिसके कारण जल्दबाजी में लोकार्पण और शिलान्यास किए जा रहे है।

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