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एमपी में कर्ज से फिर हारा अन्नदाता, कीटनाशक पीकर दी जान

होशंगाबाद।

मुख्यमंत्री शिवराज भले ही मंच से खड़े होकर ऐलान करे कि प्रदेश का किसान खुश है , लेकिन वास्तविक सच्चाई कोसों दूर है। प्रदेश में किसान अब भी परेशान है, कर्ज में डूबा हुआ है और आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। ताजा मामला होशंगाबाद जिले के पिपरिया से सामने आया है। यहां एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।वहीं मामले को लेकर कांग्रेस ने चौराहे पर मृतक का शव रखकर प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार, जिले के गांव गड़ाघाट के 40 वर्षीय बृजमोहन पटेल पिता खुशीलाल पटेल पर केसीसी के 4 लाख रुपए का कर्ज था।उसने पत्नी के सोन के गहने भी बैंक में गिरवी रख रखे थे। वही पिछले साल की मूंग का भुगतान ना होने के कारण वह पहले से ही परेशान था और तनाव मे रहने लगा था।लगातार बढ़ती परेशानियों के चलते उसने घर में रखा कीटनाशक पी लिया। कीटनाशक पीते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे पिपरिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। अभी पुलिस ने कर्ज को लेकर स्पष्टीकरण नही दिया है। पुलिस का कहना है कि पहले इस मामले की जांच की जाएगी, पता लगाया जाएगा कि वाकई बैंक का कर्जा था कि नही। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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