पानी की तलाश में तेंदुआ कुएं में जा गिरा..ऐसे किया रेस्क्यू, देखिये वीडियो

होशंगाबाद| भीषण गर्मी के कारण जहां प्रदेश की आधी आबादी जल संकट से जूझ रही है, वहीं वन्य प्राणियों को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है| जिसके चलते मूक बेजुबान वन्य प्राणी रहवासी इलाके में घुस रहे हैं|  पानी की तलाश में एक तेंदुआ तो मौत के मुँह में जा गिरा| खबर होशंगाबाद जिले से है जहां पचमढ़ी के बफर जोन के डूंडी पानी गांव में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया जो 2 दिन तक कुएं में ही पड़ा रहा। वन कर्मियों की हड़ताल के चलते तेंदुए का रेस्क्यू नहीं किया जा सका। दो दिन बाद तेंदुए का रेस्क्यू किया गया| बचाव दल ने तेंदुए को बाहर निकालने के लिए कुएं में लकड़ी की सीढ़ियां डाली। जिसके सहारे तेंदुआ कुएं से बाहर निकालकर जंगल में चला गया। 

प्रदेश में लम्बे समय से अपनी लंबित मांगों को लेकर वन कर्मी हड़ताल पर हैं । वन कर्मियों की हड़ताल के कारण वन्य प्राणियों की जान खतरे में आ रही है। जंगलों में शिकारी सक्रिय हो गए हैं, जंगलों की सुरक्षा भगवान् भरोसे है, वहीं सरकार ने अभी तक इस हड़ताल को समाप्त कराने कोई पहल नहीं की है| जिसके चलते शिकार, अवैध उत्खनन, लकड़ी चोरी जैसी घटनाएं बढ़ गई है|  जंगली क्षेत्रों में पानी की तलाश में वन्य प्राणी इधर उधर भटक रहे हैं और इसके चलते वे हादसे का शिकार भी हो रहे हैं| होशंगाबाद के पचमढ़ी के बफर जोन के डूंडी पानी गांव में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया जो 2 दिन तक कुएं में ही पड़ा रहा। जब इसकी जानकारी पिपरिया बफर जोन के एसडीओ श्री निरापुरे को लगी तो वे अपने एक कर्मचारी को लेकर मौके पर पहुंचे जहां पर गांव वालों की मदद से कुए में सीढ़ी बांधकर डाली गई। इसके बाद सभी वहां से हट गए और उस पर नजर रखते रहे। कुछ देर बाद तेंदुआ सीढ़ी से चढ़ते हुए ऊपर आया और जंगल में भाग गया। सीढ़ी पर ऊपर आकर एक बार उसने पलटकर उन लोगों को देखा जिन्होंने सीढ़ी डाली थी, मानो वह उनका शुक्रिया अदा कर रहा हो। इसके बाद वह छलांग लगाकर जंगल में भाग निकला। एसडीओ के इस कार्य की सराहना की जा रही है।