गेहूं-चना की खरीदी न होने से किसान परेशान, विरोध में किया चने का हवन

जबलपुर| अब तक आपने केवल किसानों को ही अपने हक के लिए लड़ाई लड़ते देखा होगा लेकिन जबलपुर में सहकारी समितियां किसानों की हालत देखकर आक्रोषित हैं। जिले की 67 सहकारी समितियों ने एक संघ बनाया और अब वे किसानों की फसल की खरीद, परिवहन और वारदाने के लिए उनके साथ आंदोलन कर रही हैं। 

सिविक सेंटर पार्क में 11 मई से चना, मसूर और गेहूं के परिवहन एवं अन्य समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे सहकारी समिति सदस्यों ने अपना अंादोलन चने के हवन के साथ स्थगित कर दिया। उनका कहना है कि एक तरफ तो सरकार किसानों का उत्साह बढ़ाती है कि वे ज्यादा से ज्यादा फसल उत्पादन करें लेकिन जब अपनी फसलें लेकर किसान मंडियों या खरीदी केंद्रों में जाता तो वहां रखे-रखे फसल खराब हो जाती है जिसका नुकसान किसान को उठाना पड़ता है। हाल ही में राज्य सरकार ने गेहूं के साथ चना खरीदी भी शुरू की है लेकिन कई जिलों में प्रति एकड़ 8 क्विंटल चना समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है तो वहीं जबलपुर में 6 क्विंटल प्रति एकड़ मात्रा तय कर दी गई। जिससे किसानों का लाखों क्विंटल चना बिना खरीदी के ही रखा हुआ है। संघ ने चेतावनी दी है कि भले ही उनका यह धरना खत्म हो रहा है लेकिन वे इस लड़ाई को न्यायालय के माध्यम से लड़ेंगे।