सरकार पर बकाया पांच करोड़, 21 मई से थम जाएंगे बसों के पहिये

जबलपुर|  21 मई से प्रदेश के महाकौशल अंचल में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दरअसल डीज़ल मूल्यवृध्दि के मद्देनजर, यात्री किराया बढाने की मांग को लेकर बस ऑपरेटर्स ने 21 मई से अनिश्चतकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। महाकौशल अंचल के तमाम बस ऑपरेटर्स ने हड़ताल पर जाने का ये फैसला आज जबलपुर में आयोजित अपनी सम्भागीय बैठक में लिया है। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि पिछली बार जब साल 2014 में यात्री किराया बढ़ाया गया था तो डीज़ल का दाम 55 रुपये लीटर थे लेकिन आज डीज़ल के दाम 70 रु लीटर को पार कर जाने के बाद भी यात्री किराया नहीं बढ़ाया जा रहा। बस ऑपरेटर्स ने यात्री किराये में 40 फीसदी इजाफे की मांग की है और इसके लिए 21 मई से बेमियादी हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। आईएसबीटी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन जबलपुर ने डीज़ल को जीएसटी के दायरे में भी लाने की मांग की है ताकि डीज़ल के दाम निश्चित हो सकें। वहीं बस ऑपरेटर्स का विरोध सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में हुए बसों के अधिग्रहण का भुगतान ना होने पर भी है। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि राज्य सरकार ने बीते साल हुई नर्मदा सेवा यात्रा के बस अधिग्रहण की 5 करोड़ रुपयों की राशि का अब तक भुगतान नहीं किया है जिसकी वो लगातार मांग कर रहे हैं। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि जब डीज़ल के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं तो किराया 4 साल से ना बढ़ाये जाने पर वो घाटे के चलते बसें चलाने की स्थिति में नहीं हैं इसलिए किराया बढ़ाये जाने सहित अपनी तमाम मांगों को लेकर वो 21 मई से बसों के पहिये थामकर बेमियादी हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं।