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50 हजार की रिश्वत लेने का मामला, इंजीनियर को सरकार ने किया बर्खास्त

जबलपुर।

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में पचास हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी मानते हुए चार साल के सश्रम कारावास के साथ 52 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वही कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने भी यंत्री को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए है। 

दरअसल, राजेंद्र जैन नाम व्यक्ति ने 12 अक्टूबर, 2014 को जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दी कि पीडब्ल्यूडी द्वारा जुन्नारदेव न्यायालय भवन में उच्च दाब विद्युत लाइन कार्य के लिए निविदा जारी किया गया था। ये टेंडर उसे प्राप्त हुआ था। लेकिन वर्क ऑर्डर जारी करने के लिए इंजीनियर पालवे द्वारा 50 हजार रुपए कमीशन की मांग की जा रही थी। इस पर लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री विवेक पाल्वे को रिश्वत लेते रंगे हुए हाथों गिरफ्तार किया था। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी इंजीनियर के कटंगा स्थित शासकीय आवास में छापेमारी की।इसके बाद विशेष अदालत ने पाल्वे को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए चार साल के सश्रम कारावास और 52 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई । इसी के आधार पर विभाग ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। राज्य लोकसेवा आयोग ने भी विभाग के इस निर्णय पर सहमति दे दी है।


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