असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति का रास्ता साफ़, हाई कोर्ट ने हटाई रोक

जबलपुर| मध्यप्रदेश के काॅलेजो में अस्सिटेंट प्रोफेसरो की भर्ती का रास्ता अब जाकर साफ हो गया है। साल 2018 मे 2536 पदो पर हुई नियुक्ति प्रक्रिया न्यायिक दांवपेंच मे फंसी थी| असिस्टेंट प्रोफेसर्स की ज्वाइनिंग को लेकर लगाई रोक को हाईकोर्ट ने हटा लिया है। इसके साथ ही प्रदेश के ढाई हजार से अधिक प्रोफेसर्स की ज्वाइनिंग का रास्ता साफ हो गया है।  उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने इस सम्बन्ध में ट्वीट भी किया है|

बता दें कि अगस्त 2018 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पीएससी के जरिए भर्ती प्रक्रिया करवाकर 2536 असिस्टेंट प्रोफेसरों को चुना था। चयन प्रक्रिया के लिए पिछली सरकार के कार्यकाल में बार-बार नियमो मे बदलाव लाए गए । आरक्षण और आयुसीमा में भी बदलाव हुए जिससे पात्र उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर निशक्त आरक्षण के कोटे के नियम और अनुपात को चुनौती दे दी थी। जिसके बाद से ही ये मामला कोर्ट में अटका हुआ था। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत मे नियुक्ति प्रक्रिया मे गड़बड़ी की बात को स्वीकारा है। आज मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने पीएससी को नई मैरिट लिस्ट नियम के अनुसार जारी करने के आदेश दिए है।

इस सम्बन्ध में मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि "मुख्यमंत्री माननीय श्री कमलनाथ जी के सकारात्मक प्रयासों से महाविद्यालयो में सहायक प्राध्यापकों की भ'र्ती और नियुक्ति का रास्ता माननीय उच्च न्यायालय ने साफ कर दिया है। उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने को लेकर मुख्यमंत्री जी की चिंता और प्रयासों के लिए मैं उनका हार्दिक आभारी"|

"To get the latest news update download the app"