REPORT: देश के 22 शहरों की हवा खराब, एमपी के यह शहर भी शामिल

जबलपुर| सीएसई यानि सेंटर फॉर साईंस एंड एनवायरमेंट की एक हालिया रिपोर्ट में अहम खुलासा हुआ है| एट द क्रॉसरोड नाम की इस रिपोर्ट में, दस सालों तक चली एक रिसर्च के साथ दावा किया गया है कि सिंगरौली, जबलपुर और भोपाल वायु प्रदूषण के मामले में देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शामिल हैं| जबलपुर कलेक्टर ने जहां इस रिपोर्ट की फाईंडिंग्स पर चिंता जताई है, वहीं मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानना है कि शहर में ख़राब सड़कों और पुराने वाहनों के धुएं से वायु प्रदूषण के हालत गंभीर हो रहे हैं| देश में दस लाख से ज्यादा आबादी वाले 22 शहरों की हवा जहरीली हो रही है| देश के इन 22 शहरों में ऊर्जाधानी सिंगरौली, राजधानी भोपाल और संस्कारधानी जबलपुर भी शामिल हैं जहां एयर क्वालिटी इंडैक्स लगातार बिगड़ता जा रहा है.. ये अहम खुलासा हुआ है सीएसई, यानि सेंटर फॉर साईंस एंड एनवायरमेंट की एक रिपोर्ट में जिसे हाल ही में जारी किया गया है|

एट द क्रॉसरोड नाम की इस रिपोर्ट में दिल्ली, कानपुर और पटना का एयर क्वालिटी इंडैक्स सबसे खराब पाया गया है जबकि इस फेहरिस्त में मध्यप्रदेश के तीन शहर, सिंगरौली,जबलपुर और भोपाल भी शामिल हैं| सीएसई ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि उसने साल 2007 से 2017 तक दस सालों तक देश के 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में एयर क्वालिटी पर रिसर्च की|  इनमें देश के 22 शहरों की हवा का एयर क्वालिटी इंडैक्स चिंताजनक पाया गया है| एयर क्वालिटी इंडैक्स हवा में मौजूद पीएम टैन और पीएम टू पॉइंट फाईव कणों की मात्रा से मापा जाता है जिसमें प्रदेश के भोपाल और जबलपुर में धूल के कणों की मात्रा ज्यादा पाई गई है|  बहरहाल, जब मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जबलपुर का एयर क्वालिटी इंडैक्स संतोषजनक बताता आया है तो सीएसई रिपोर्ट को लेकर बोर्ड का विरोध भी शुरु हो गया है... जबलपुर में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर झूठे आंकड़े जारी करने का आरोप लगाया और बोर्ड ऑफिस का घेराव कर दिया| सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सीएसई की रिपोर्ट के मद्देनज़र बोर्ड से सही जांच कर आंकड़े जारी करने की मांग की है| दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक मानते हैं कि जबलपुर में खराब सड़कों और वाहनों के धुएं के चलते शहर की फिज़ा खराब हो रही है|

इधर जबलपुर कलेक्टर ने भी सीएसई रिपोर्ट की फाईंडिंग्स पर चिंता जताई है| कलेक्टर भरत यादव का मानना है कि शासन के सभी विभागों और जनता के मिले जुले प्रयासों से ही वायु प्रदूषण के बिगड़ते हालातों पर काबू पाया जा सकता है| कलेक्टर ने शहर में चल रहे पुराने वाहनों की जांच भी जल्द ही शुरु करवाने की बात की है| सीएसई की रिपोर्ट बताती है कि जहां मध्यप्रदेश के सिंगरौली में औद्योगिक प्रदूषण की वजह से हवा जहरीली हो रही है वहीं भोपाल और जबलपुर में वाहनों का बढ़ता प्रदूषण शहर की हवा बिगाड़ रहा है... जाहिर तौर पर ये रिपोर्ट मध्यप्रदेश के शहरों के लिए भी खतरे की घण्टी मानी जा सकती है लिहाजा देखना होगा कि अब प्रदेश का शासन और प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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