टिकट के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा चुके दावेदार अब भगवान की शरण में, लगा रहे अर्जियां

जबलपुर| प्रदेश में विधानसभा का बिगुल बज चूका है, चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान कर दिया है, चुनावी घमासान शुरू होते ही ही टिकिट पाने की कवायद शुरू हो गई है। टिकिट की मारामारी में कोई पीछे रहना नहीं चाहता, कोई पुराने रिश्ते खंगाल रहा है, तो कोई अपने नेताओ के दरबार में सलाम ठोक रहा है, आलम यह है कि आकाओं के दरबार के चक्कर लगाकर थक चुके टिकिट के दावेदार अब भगवान से टिकिट की गुहार लगा रहे है। 

चुनाव आया नहीं कि टिकिट के दावेदारों लग गए जोर आजमाइश करने में, पार्टी टिकिट के लिए इलाके से दावेदारी ठोकने के साथ - साथ लग गए अपने आकाओं के चक्कर काटने में, जैसे जैसे  चुनावी घमासान की सुगबुगाहट तेज होती जा रही है वैसे - वैसे टिकिट के दावेदारों को चिंता सताने लगी है, किसी भी तरह चुनाव लड़ने के लिए पार्टी से टिकिट मिल जाए, उसके लिए एडी चोटी का जोर लगाने के साथ दावेदार अब आला नेताओ के दर को छोड़ भगवान की शरण में आ गए है, कोई अपने परिवार के साथ टिकिट गुहार लगाने आया है तो कोई अपने समर्थको के साथ...आलम यह है कि टिकिट वितरण का इंतजार कर रहे नेताओ को भगवान से ही आखरी उम्मीद है। दावेदारों की माने तो मनुष्य को जन्म देने वाला ईश्वर है, इसलिए इंसान से मांगने से बेहतर जन्म देने वाले भगवान से मांगना अच्छा है। वहीँ दावेदारों के समर्थक भी दावेदारों के लिए प्रार्थना कर रहे है उनके द्वारा किये कामों को गिना रहे है। 

इधर मंदिर के पुजारी का इस विषय मे कहना है कि चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद भगवान की शरण में आने वाले टिकिट के दावेदारों की संख्या में इजाफा हुआ है। मंदिर के पुजारी की माने तो जब व्यक्ति थक जाता है तब भगवान की शरण में आता है यही हाल टिकिट की दावेदारी करने वालो के है हर पार्टी के लोग भगवान के पास टिकिट की गुहार लेकर आ रहे है। वहीँ मंदिर के पुजारी भी भगवान से दावेदारों के तरफ से अर्जी लगा रहे है साथ ही भगवान से प्रार्थना कर रहे है कि दावेदार जो भगवान के दरबार में आमजन की मदद के लिए बोलकर जा रहे है वह टिकट मिलने और विधायक बनने के बाद अपने वादे से न मुकरें।हम थे जिनके सहारे वो हुए ना हमारे,टिकिट की मांग करने वालो का हाल भी कुछ ऐसा ही है लेकिन नेता है कोई न कोई सहारा ढूंढ ही लेते है,अपने आकाओ के दरबार में हाजिरी लगा कर थक चुके दावेदार टिकिट की आस लेकर भगवान के पास आए है अब देखना ये होगा कि भगवान टिकिट के इन दावेदारों की कितनी सुनते है।