मारपीट से आहत किसान ने खाया जहर, अस्पताल में मौत, खरीदी केंद्र के अधिकारियों पर गंभीर आरोप

 जबलपुर|  गोटेगांव निवासी एक किसान के साथ कृषि उपज मंडी के पल्लेदारों और कर्मचारियों ने मारपीट कर दी, युवा किसान इस मारपीट से इतना आहत हो गया कि उसने सल्फास की गोली खाकर खुदकुशी करने फैसला कर लिया जिसके बाद परिजन उसे गंभीर हालत में जबलपुर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। दो दिन तक चले इलाज के बाद भी किसान को बचाया नहीं जा सका। हालांकि मृत्यु पूर्व उसने एक सुसाइड नोट लिखा है जिसमें मंडी के अधिकारियों एवं एक दलाल द्वारा उसके नाम से फर्जी चना खरीदी करने का जिक्र किया है। 

किसान का नाम पुष्पेंद्र पटेल है जो महज 22 वर्ष का था, ढ़ाई एकड़ जमीन में पुष्पेंद्र कृषि कर अपने और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। गोटेगांव तहसील के सिमरिया गांव का रहने वाला पुष्पेंद्र कृषि उपज मंडी में गेहूं बेचने के लिए गया था लेकिन वहां सुरेंद्र नामक एक युवक ने उससे चना खरीदने की बात कही जिस पर पुष्पेंद्र ने चार हजार रूपए प्रति क्विंटल में चना बेचने की बात तय की। इसके बाद जब उसे रसीद मिली तो उसमें बेची गए चने की मात्रा से ज्यादा की रसीद पकड़ा दी गई। जब पुष्पेंद्र ने इसका विरोध किया तो कर्मचारियों एवं पल्लेदारों ने उससे बदतमीजी की। पुष्पेंद्र ने अधिकारियों से भी इसकी शिकायत की कि उसने जितना चना बेचा है उससे ज्यादा मात्रा रसीद में चढ़ाई गई है और उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। इस पर अधिकारियों ने उसे ही दोषी माना और उसके साथ मारपीट कर दी। इस घटना से आहत पुष्पेंद्र ने आत्महत्या करने का गलत फैसला ले लिया। इस घटना के तुरंत बाद परिजनों ने एफआईआर कराने से पहले पुष्पेंद्र का इलाज करवाने का प्रयास किया लेकिन दो दिनों में ही उसकी सांसें थम गईं।

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