खंडवा कलेक्टर की अनुकरणीय पहल, कहा- फूलमाला की बजाय पारले जी से करें वेलकम

 खंडवा।सुशील विधानी।

मध्य प्रदेश का खंडवा जिला  कुपोषण के लिए  जाना जाता है  हर वर्ष  कुपोषण से  कई बच्चों की मौतें होती है  आदिवासी ब्लॉक खालवा  कुपोषण के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है कई कलेकटर आए  अनेकों योजनाएं बनाएं  कई कागजों तक सीमित रही  कई अधिकारियों की जेब तक सीमित रही कुपोषण के नाम पर  अधिकारी  बनते रहें  आगे बढ़ते रहें लेकिन कुपोषण कम नहीं हुआ मध्य प्रदेश सरकार हो या केंद्र सरकार सभी ने करोड़ों रुपए कुपोषण के नाम पर जिले को दिए 1 दर्जन से अधिक एनजीओ एक जिले में काम कर रहे हैं लेकिन कुपोषण कम नहीं हो पाया लेकिन अब खंडवा कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने आज टीएल की मीटिंग में निर्देश दिए कि जिले के भृमण के दौरान उनका स्वागत पुष्पहारों से न किया जाए। यदि किसी को उनका स्वागत करना ही है तो वह  बिस्किट के पैकेट्स से कर के बाद में उसे निकटतम आंगनवाड़ी में भेंट कर दिया जाए, ताकि वह पैकेट कुपोषित बच्चों के उपयोग में आ सके। कलेक्टर गढ़पाले की इस पहल का जिलेवासियों ने स्वागत किया है। आमजनों ने गढ़पाले की इस पहल को अनुकरणीय बताया है खंडवा जिला पहले से ही देश के पिछड़े जिलों में शामिल हो चुका है। देखते हैं आने वाले समय में जिला कलेक्टर की यह पहल पारले  जी बिस्कुट बच्चों को कुपोषण कितना दूर कर पाते हैं