MP : अब किसान के नाम पर दूसरे का चना बेचना पड़ेगा भारी, सीधे होगी FIR

खरगोन।

फसल खरीदी के नाम पर कालाबाजारी की खबरें आए दिन आ रही है।वही बीते दिनों किसानों के नाम पर व्यापारी का चना बेचने की शिकायत भी सामने आई थी। जिसको लेकर अब प्रशासन सख्त हो चला है। प्रशासन ने समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी में कालाबाजारी को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है, साथ ही जारी निर्देश में कहा है कि अगर कोई व्यक्ति या व्यापारी पंजीकृत किसान के नाम पर समर्थन मूल्य पर चना बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर होगी।

दरअसल, जिले में 10 अप्रैल से छह खरीदी केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर चना खरीदा जा रहा है।यह खरीदी अभी नौ जून तक चलेगी। खरीदी केंद्रों पर पंजीकृत किसानों का पंजीयन पत्र, बैंक पासबुक, परिवार आईडी देखकर ही उपज ली जा रही है।लेकिन इसके बावजूद कई व्यापारी किसानों के पहचान पत्र के दस्तावेज लगाकर अपनी फसल बेच रहे है,मंडियों में अव्यवस्थाओं की भरमार है। जिसके व्यापारियों द्वारा लाखों रुपये की चपत सरकार और किसानों को लग रही है। ऐसे में वास्तविक किसानों को उनका हक नही मिल पा रहा है।  इसी कालाबाजारी को रोकने के शासन ने ये कड़ा निर्णय लिया है। अब ऐसा करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर की जाएगी।

गौरतलब है कि इस साल समर्थन मूल्य पर चना बेचने वाले करीब 10 हजार 843 किसानों का पंजीयन किया गया है। इनमें से 4 हजार 634 किसानों से 90 हजार 514 क्विंटल खरीदी की गई है। समर्थन मूल्य पर चने का भाव 4400 रुपए प्रति क्विंटल और 100 रुपए का बोनस निर्धारित किया गया है, लेकिन भाव 2 हजार 885 से 3 हजार 714 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा है जबकि बीते साल भाव 2 हजार 626 से 5 हजार 881 रुपए प्रति क्विंटल मिला था।