भोपाल गैंगरेप:पुलिस-पीडि़ता की कहानी में कई पेंच

भोपाल। राजधानी में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को मंडला की आदीवासी युवती के साथ हुए गैंगरेप की शर्मनाक घटना में पुलिस क्रेडिट लेने में जुटी है। जबकि आरोपी रात भर पीडि़ता को लेकर घुमाते रहे, कहीं उन्हें पुलिस वाहनों द्वारा नहीं रोका गया। बलात्कार की घटना के बाद बदमाश उसे अंजान रास्तों पर अकेला छोड़कर भाग गए थे। फरियादिया को सुनसान रास्तों पर भटकते हुए पुलिस वाहन दिखा था। जिसके बाद उसने खुद उस वाहन के पास जाकर आपबीती सुनाई थी, बाद में पुलिस ने युवती की ही मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया था। भोपाल पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में इस बात का जिक्र कहीं नहीं है। 

-यह लिखा है एफआईआर में

गौरतलब है कि पीडि़ता द्वारा लिखाई गई एफआईआर में बताया गया कि वह सुरेहली थाना क्षेत्र स्थित तहसील घुघरी जिला मंडला की रहने वाली है। मंगलवार सुबह ट्रेन से सागर से भोपाल काम की तलाश में ट्रेन से आई थी। यहां उसका परिचित शैलेश कुशराम रहता है और यहीं नौकरी करता है। दोपहर एक बजे शैलेश ने उससे आईएसबीटी मिलने आया। उसने बताया कि वह दूर रहता है। उसके परिचित खान भाई (तीसरा आरोपी इद्रीस)के घर कर देगा। कुछ देर बाद खान भाई आया, इसके बाद वह पास में ही जहां काम करता है वहां उसे ले गया तथा अंधेरा होने तक उसी होटल की पार्किंग में लड़की को बिठाए रखा। इस बीच शैलेश चला गया था, रात को खान भाई अपनी गाड़ी से राहुल नाम के लड़के और उसे अपने कमरे पर लेकर पहुंचे। कमरे पर पहुंचने के बाद तीनों ने खाना खाया, पीडि़ता को सोने के लिए बिस्तर दिया। इस बीच खान भाई कहीं चला गया। वह और राहुल सोए हुए थे, तभी अरोपी राहुल ने सोते समय अचानक उसके पास पहुंचकर गलत काम शुरू कर दिया। किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी तथा विरोध करने पर मारपीट कर डाली। इसके बाद राहुल कमरे से चला गया और चंद मिनटो बाद उसका दोस्त मोनू रूम में आया उसने भी पीडि़ता के साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर में खान भाई रूम पर लौट आए डर के कारण लड़की ने उसे कुछ नहीं बताया। इसके बाद चारों एक अन्य बिल्डिंग में पहुंचे, वहां मोनू ने पीडि़ता को सेने के लिए बोला पर राहुल और पीडि़ता को बिल्डिंग के लोगों ने अंदर रूकने नहीं दिया। इसके बाद राहुल उसे बाइक से लेकर निकला और बिल्डिंग से दूर रास्ते में उसे छोड़कर भाग गया। चंद मिनट बाद उस रास्ते पर उसे एक  पुलिस वाहन दिखा, उसने पुलिस वाहन को रोककर पूरी जानकारी दी। पुलिस को बताया कि राहुल और मोनू ने उसके साथ गलत काम किया। पीडि़ता का कहना है कि इसके बाद पुलिस ने शैलेश से फोन पर संपर्क कर तीनों अरोपियों की जानकारी ली और राहुल तथा मोनू को गिरफ्तार किया।

-पुलिस ने बताया झांसा देकर किया रेप

पीडि़ता ने एफआईआर में साफ लिखवाया कि आरोपी राहुल ने पहले सोते समय उसके साथ मारपीट कर रेप किया था, बाद में मोनू ने ज्यादती की। जबकि भोपाल पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में झांसा देकर बलात्कार की बात लिखी है। जिससे साफ है कि आसानी से आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस ने इस शर्मनाक घटना में क्रडिट लेने का मौका तलाश कर लिया।

-असल हीरो को दिया सिर्फ हजार रूपए का ईनाम

गैंग रेप की शर्मनाक घटना के आरोपियों को पीडि़ता की मदद से पकडऩे वाले एफआरवी वाहन के कर्मचारियों को डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने दस हजार रूपये के ईनाम से नवाजा है। जबकि जान की बाजी लगाकर आदतन अपराधियों से भिड़कर लूट की घटना को नाकाम करने वाले जाबाज आरक्षक सुनील राठौर को महज एक हजार रूपये का ईनाम दिया गया है।