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गरीबी मिटायेंगे, नया ज़माना लायेंगे, न्यू इंडिया बनायेंगे : शिवराज

शहडोल।

एक वर्ष पूर्व जब मैंने तेंदूपत्ता चुनने वाली बहनों के पैरों में चप्पल न होने का कारण पूछा तो जवाब व्यथित कर देने वाला था। उसी दिन चरण पादुका योजना ने जन्म लिया। जंगली ज़मीन पर मेरे भाईयो और बहनों के पैर शूलों से लहूलुहान होते हैं तो एक आह मेरे दिल से भी निकलती है। दिल में एक ललक है, दिल में एक तड़प है। गरीबी को मिटाना है। यह योजना ठीक तरह से लागू हो, इसलिए प्रत्येक पंचायत से 5 लोगों को नियुक्त किया जायेगा, जो मॉनिटरिंग करेंगे। आओ, मिलके साथ चलें, कदम से कदम मिलायें। गरीबी मिटायेंगे, नया ज़माना लायेंगे, न्यू इंडिया बनायेंगे। ये उक्त बातें मुख्यमंत्री शिवराज ने आज शहडोल के लालपुर में आयोजित संभाग स्तरीय तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन में कही। कार्यक्रम की शुरुआत कन्यापूजन से की गई ।

उन्होंने कहा कि मेरा संकल्प है, हम गरीब को बेबस नहीं रहने देंगे। गरीब के लिए जाति, धर्म से ऊपर उठकर उनके हित की सोचना चाहिए।सरका इसी पर काम करते हुए गरीब कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। जनता कल्याण के लिए मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना लेकर आया हूँ। जो मजदूर हैं, जो आयकरदाता नहीं हैं, जिनके पास ढाई एकड़ से कम ज़मीन है, वो इस योजना के लिए पात्र हैं। अब तक अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में कुल 6 लाख 70 हज़ार पंजीयन हो चुके हैं।

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की ज़मीन पर जन्म लेने वाले हर गरीब को रहने की ज़मीन का मालिक बनाया जाएगा। जो गरीब घास-फूस की झोपड़ी में रहते हैं, उन्हें 4 साल में पक्का मकान दे दिया जाएगा। इसके साथ ही गरीब भाई-बहनों को ज़मीन के टुकड़े व वनों में ज़मीन का पट्टा भी दिया जाएगा। शिक्षा से ही गरीबी को मिटाया जा सकता है। इसलिए गरीब परिवारों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की व्यवस्था की है। इनकी पूरी फीस प्रदेश सरकार भरेगी। मेरे बच्चों तुम्हारी पढ़ाई-लिखाई की राह में धन को बाधा नहीं बनने दूंगा।बीमारी का खर्च परिवार की कमर तोड़ देती है, इसलिए बेहतर उपचार व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए राज्य बीमारी सहायता के अंतर्गत हमने रु. 5 लाख तक का इलाज नि:शुल्क करवाने की व्यवस्था की है।गरीब गर्भवती बहनों को 6वें से 9वें महीने के बीच 4 हज़ार रुपये दिये जायेंगे, ताकि वे फलों के साथ ही पौष्टिक आहार लें। प्रसव के बाद 12 हज़ार रुपये और उसके बैंक खाते में जमा किये जायेंगे।



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