महाकौशल की 38 सीटों पर बदल रहे समीकरण, बीजेपी में हड़कंप

भोपाल/जबलपुर। मध्यप्रदेश में महाकौशल में बीजेपी को चुनाव के समय भी बहुत ज्यादा जोर नहीं लगाना पड़ता है। यह क्षेत्र बीजेपी का गढ़ माना जाता है। यहां संघ के पकड़ बेहद मजबूत है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कठोर सामाजिक नेटवर्क है जो भारतीय जनता पार्टी को ताकत देता है। जिस वजह से बीजेपी महाकौशल की 38 सीटों पर दबदबा रखती है। यहां का केंद्र जबलपुर माना जाता है। क्षेत्र की राजनीति का रास्ता संस्कारधानी से ही गुजरता है। यही वजह थी राहुल गांधी ने महाकौशल में धाक जमाने के लिए जबलपुर में भव्य रोड शो किया। जिसका असर संघ और बीजेपी पर दिख रहा है। पार्टी अब यहां भी अपनी सक्रियता बढ़ाने में लगी है। 

टीम राहुल जानती है संघ और भाजपा के इस किले को तोड़े बिना कांग्रेस की जीत मुमकिन नहीं इसी लिए यहां पहले ही चरण में ध्यान केंद्रित किया गया है। जिसके बाद अब मजबूरी में भाजपा भी अपनी ताकत क्षेत्र में लगा रही है। जिससे उसका ध्यान कांग्रेस के प्रभाव वाले प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों से कम हो रहा है। लिहाजा जिसका लाभ कांग्रेस को ही मिलेगा। यही राहुल गांधी की रणनीति भी है। राहुल की रैली के बाद भाजपा नेतृत्व की जिस तरह से रणनीति बदली है। उससे राहुल काफी हद तक कामयाब होते दिखाई दे रहे हैं।


अमित शाह 15 अक्टूबर को जबलपुर में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे और पार्टी पदाधिकारियों से चुनावी रणनीति पर चर्चा भी करेंगे। यूं तो भाजपा का कहना है कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित है लेकिन अंदरूनी तौर पर यह माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम राहुल के रोड शो के बाद उपजे राहुल फैक्ट को कम करने के लिए ही बनाया गया है।