पर्यावरण प्रेमी आईपीएस के मुरीद हुए नागालैंड के राज्यपाल

भोपाल| जोश और जज्बा हो कुछ कर दिखाने की तमन्ना हो तो इंसान क्या नहीं कर सकता । मध्य प्रदेश सरकार के एक IPS अधिकारी ने एक ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है। अब नागालैंड के गवर्नर भी आईपीएस महेश चंद जैन की मुहीम के मुरीद हो गए और उन्होंने विजिटर बुक में एसपी के प्रयासों की जमकर प्रशंसा की है| शुक्रवार को राज्य शासन ने आईपीएस जैन का तबादला कर सेनानी,  24वीं वाहिनी, रतलाम पदस्थ किया है| जिलेवासियों में जैन के तबादले से निराशा है| पुलिस पदक से सम्मानित इस आईपीएस अफसर ने करीब दो साल में ही आदिवासी बाहुल्य झाबुआ अंचल की पूरे प्रदेश में एक अलग ही छवि बनाई है और लोगों से अलग ही रिश्ता है, जिसके चलते लोग भी उन्हें हमेशा याद रखेंगे| 

एसपी के तौर पर आईपीएस महेश चंद जैन 2016 के अंत में जब झाबुआ पदस्थ हुए तो उन्होंने देखा कि पासी स्थित हाथीपांव पहाड़ी बंजर पड़ी हुई है। शुरू से ही पर्यावरण के प्रेमी रहे जैन ने इस पहाड़ी पर पेड़ लगाकर उसे हरा भरा करने का जब संकल्प लोगों को बताया तो लोगों ने यह कह कर मना कर दिया कि इससे पहले कई प्रयास हो चुके हैं लेकिन सब असफल रहे हैं। यहां तक कि पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय अब्दुल कलाम और मुरारी बापू जैसी हस्तियां भी यहां वृक्षारोपण कर चुकी है लेकिन पहाड़ की भूमि पर्यावरण के अनुकूल न होने के कारण यह प्रयास असफल हुए हैं। लेकिन जैन तो मन में ठान चुके थे तो उन्होंने प्रयास शुरू किए । 

पहाड़ पर एसपी से लेकर सिपाही तक ने चार चार फिट गहरे गड्ढे खोदे और इन गड्ढों की मिट्टी हटाकर पास की ही एक तालाब से लाई गई मिट्टी उन गड्ढों में डाली। उसके बाद शुरू हुआ पहाड़ पर पौधे लगाने का सिलसिला जो अब तक जारी है। 2017 से लगाए गए कई पौधों  सात से आठ फुट के हो चुके हैं और पूरे पहाड़ को हरा-भरा दिखा रहे हैं ।  जैन ने कुछ दिन पहले भी अपने जन्मदिन पर 52 पौधे लगाकर अपना 52 वा जन्मदिन मनाया। जिस बंजर पहाड़ी पर किसी पशु या पक्षी का नामोनिशान नहीं मिलता था' हरियाली देखकर अब वहां मोरों के झुंड तक आने लगे हैं। सामाजिक सरोकार से जुड़ी जैन की अभिनव पहल पूरे प्रदेश और देश के लिए एक अद्भुत मिसाल बन गई है। 


नागालैंड के राज्यपाल भी हुए मुरीद 

नागालैंड के राज्यपाल ने आईपीएस जैन की जमकर तारीफ की है| उन्होंने विजिटर बुक में लिखते हुए कह मुझे इस बात की खुशी है कि मध्य प्रदेश के झाबुआ की पुलिस ने मुझे नगालैंड के राज्यपाल के तौर पर सम्मान दिया। झाबुआ के पुलिस अधीक्षक एक बेहद क़ाबिल अफसर हैं । उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए एक अच्छी पहल की और बंजर जमीन पर हजारों पौधे लगाकर हरा भरा कर दिया| इस काम में पुलिस बटालियन और स्थानीय लोगों ने भी उनका भरपूर साथ दिया|  नागालैंड के राज्यपाल महामहिम पीबी आचार्य जिले के प्रवास पर आये थे| 




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