सिंधिया के करीबी साहब सिंह हाथी पर सवार, इस सीट से लड़ेंगे चुनाव

ग्वालियर। चुनावों में आना जाना जारी है। जिसे पार्टी टिकट नहीं दे रही वो दूसरी पार्टी से टिकट का भरोसा मिलते ही पार्टी छोड़ देता है। ऐसा ही ग्वालियर में हुआ है। 15 साल पुराने कांग्रेसी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी साहब सिंह गुर्जर ने पार्टी को छोड़कर बीएसपी का दामन थाम लिया है। वे 9 को ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा से फॉर्म भरेंगे।

ग्रामीण क्षेत्र के कद्दावर कांग्रेड नेताओं में शामिल साहब सिंह गुर्जर को इस साल भरोसा था कि कांग्रेस उन्हें टिकट देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ कांग्रेस ने बीएसपी से कांग्रेस में आये मदन कुशवाह को प्रत्याशी बना दिया। ग्रामीण जिला महामंत्री और जिला पंचायत सदस्य  साहब सिंह गुर्जर को जैसे ही पता चला कि कांग्रेस से टिकट नहीं मिला उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से संपर्क किया लेकिन कोई फायदा नहीं निकला। उसके बाद वे बीएसपी सुप्रीमो मायावती से मिले और बीएसपी में शामिल हो गए। हालाँकि अभी उनकी उम्मीदवारी की अधिकृत घोषणा नहीं हुई है लेकिन साहब सिंह का कहना है कि वे 9 को फॉर्म भरेंगे। 

उधर पार्टी के सामने ये संकट भी है कई यदि पार्टी साहब सिंह गुर्जर को ग्वालियर ग्रामीण से टिकट देती है तो पहले से इस सीट पर घोषित रामावतार गुर्जर का क्या होगा। क्या उनका टिकट निरस्त होगा या उन्हें कहीं और से फॉर्म भरवाया जायेगा।