BJP का दावा-कर्जमाफी के बाद किसानों को मिल रहे नोटिस, मंत्री बोले-अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

भोपाल।

शनिवार को छुट्टी के दिन भी विधानसभा की कार्यवाही देर रात तक चली। इस दौरान विपक्ष ने फिर कर्जमाफी का मुद्दा उठाया और जमकर हंगामा हुआ।विपक्ष ने कहा कि कर्जमाफी के बाद भी किसानों को कुर्की के नोटिस मिल रहे है।इसके हमारे पास सबूत है।इसके बाद पक्ष-विपक्ष में तीखी नोंकझोंक हुई और भाजपा ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताया और वॉकआउट कर दिया।इससे पहले भी सदन में किसानों की कर्जमाफी को लेकर मुद्दा उठ चुका है।

दरअसल, शनिवार को प्रश्नकाल के दौरान मूल प्रश्नकर्ता भाजपा के नरोत्तम मिश्रा की अनुपस्थिति में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कर्जमाफी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों को सरकार ने कर्जमाफी के प्रमाण पत्र वितरित कर दिए हैं, उन पर कर्ज की वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। किसानों को बैंकों से नोटिस मिल रहे हैं। अधिकारी किसानों के सामान की कुर्की का प्रयास कर रहे हैं। किसानों को डराया जा रहा है कि आपके खिलाफ धारा 420 का मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कर्जमाफी की बात अपने वचन पत्र में कही थी, फिर भी किसानों को छला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सतना, दतिया और सागर जिले के कई किसानों को मिले नोटिस की प्रतियां उनके पास हैं।

इस पर कृषि मंत्री सचिन यादव ने जवाब दिया कि भाजपा को कर्जमाफी से पीड़ा हो रही है।  भाजपा किसानों को गुमराह कर रही है, नोटिस की बात को मंत्री ने खारिज कर दिया।वही सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि प्रदेश में कहीं भी कुर्की के ऐसे नोटिस जारी नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी ऐसा नोटिस सहकारी बैंक द्वारा जारी किया गया होगा तो वे तत्काल जिम्मेदार अफसर को निलंबित कर देंगे। इस बीच प्रश्नकाल का समय खत्म हो जाने से चर्चा अधूरी रह गई पर भाजपा विधायक दल ने सही जवाब न देने का आरोप लगाकर सदन से वॉकआउट कर दिया।



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