अरुण यादव ने बुधनी से भरा नामांकन, बोले- यह लड़ाई किसान के नकली और असली पुत्र के बीच

सीहोर।

मुख्यमंत्री शिवराज के खिलाफ पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने बुदनी से नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।यादव बुदनी के बजरंग मंदिर से चल समारोह के रूप में रैली के रूप में पैदल सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ मुख्य मार्ग से तहसील कार्यालय पहुंचे ।इससे पूर्व उन्होंने भगवान का आशीर्वाद लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अरुण यादव का जमकर स्वागत किया । इस मौके पर यादव ने कहा कि मैं नर्मदा के तट का बेटा हूँ, नर्मदा किनारे पला बढ़ा हूं और एक नर्मदा के नाम पर पाखंड करने वाले मुख्यमंत्री को चुनौती देने आया हूं।

यादव ने आगे कहा कि ना मैं आया , ना मुझे भेजा गया  मुझे नर्मदा मैया ने बुलाया है । बदलेगा प्रदेश , बदलेगी तस्वीर । ना होगी घोषणाएं और न होंगे घोषणावीर ।मंडीदीप एवं ओबेदुल्लागंज में कार्यकर्ताओं द्वारा आत्मीयता से स्वागत किया ।मुझे माँ नर्मदा ने अपनी रेत में हुए अवैध उत्खनन के 1-1 कण व भ्रष्टाचार का हिसाब लेने के लिए बुधनी बुलाया है, मैं शिवराज को घेरने नहीं, पूरे दृढ़विश्वास के उन्हें हराने आया हूँ, पूरी पार्टी मेरे साथ चट्टान की तरह खड़ी है। यह लड़ाई किसान के नकली और असली पुत्र के बीच होगी।

बता दे कि ओबीसी वोट अपने पाले में खींचने के लिए ही कांग्रेस ने अरुण यादव पर दांव खेला है। शिवराज सिंह भी ओबीसी के किरार समुदाय से आते हैं। बुधनी कहने को शिवराज का गढ़ है। अपना पहला चुनाव शिवराज ने सीहोरी जिले की इसी सीट से 1990 में जीता था। 2006 के उपचुनाव में सीएम पद पर रहते हुए उन्होंने यहां जीत हासिल की। जिसके बाद 2008 और 2013 के चुनावों में भी वो बुधनी से विजयी हुए। इस बार देखना दिलचस्प होगा कि शिवराज जीत की परंपरा कायम रख पाते हैं या नहीं?



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