अब सड़क पर होगी सियासत, एक दूसरे के खिलाफ आंदोलन करेगी भाजपा-कांग्रेस

भोपाल। प्रदेश में एक बार फिर सियासत गर्माने जा रही है। प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से उपजे हालात पर विपक्ष ने सरकार को कोसना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि सरकार एक सप्ताह के भीतर किसानों को राहत दे अन्यथा वे 22 सितंबर को सड़क पर उतरेंगे। शिवराज आपदा प्रभावित जिलों के दौरे पर हैं और किसानों के बीच पहुंच रहे हैंं। इधर कांग्रेस भी केंद्रीय सहायता को लेकर लामबंद होने लगी है। सत्ता पक्ष की ओर से मांग की जा रही है कि भाजपा प्रदेश सरकार को कोसने की बजाए केंद्र सरकार से मप्र के लिए विशेष पैकेज दिलाने में सहयोग करे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 20 सितम्बर को बैठक बुलाई है, जिसमे विधायक, मंत्री पार्टी पदाधिकारी शामिल होंगे| केंद्र सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर कांग्रेस आंदोलन की तैयारी कर रही है| 

 प्रदेश में इन दिनों भारी बारिश की वजह से भयाभय हालात बने हुए हैं। 35 से ज्यादा जिलों में अतिबारिश से फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक आंकलन में 15 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसलें खराब हुई है। साथ ही प्राकृतिक आपदा में 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। बाढ़ की वजह से 11 जिलों में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अरबों रुपए का नुकसान पहुंचा है। सरकार का सर्वे कार्य जारी है। इस बीच दोनों दलों की ओर से सियासत शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाए हैं कि प्रदेश में हालात बेहद खराब है, लेकिन सरकार को जनता के बीच जाने की फुर्सत नहीं है। सरकार का कोई नुमाइंदा जनता के बीच नहीं पहुंच रहा है। जबकि जनता दर्द से कराह रही है। वहीं कांग्रेस नेता नरेन्द्र सलूजा ने कहा है कि शिवराज सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। सरकार हर संभव मदद की कोशिश कर रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं। 

शिवराज ने किसानों से मांगी जमीनी हकीकत

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने एक व्हाट्सअप नंबर जारी कर किसानों से सीधे फसल नुकसान का फोटो भेजने का आग्रह किया था। सोमवार सुबह तक उन्हें प्रदेश के 400 से ज्यादा गांवों के किसानों ने बर्बाद हो चुकी फसलों, टूटे घर, पानी में डूबे खेत, मृत पशुओं के फोटो भेजे हैं। इन्ही फोटो और पीडि़त किसानों को लेकर शिवराज सड़क पर उतरेंगे। 

किसानों के बीच सबसे पहले पहुंचने वाले नेता

शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के इकलौते ऐसे नेता हैं, जो बाढ़ प्रभावितों के बीच सबसे पहले पहुंचे हैं। अभी तक सत्ता पक्ष का कोई भी बड़ा नेता पीडि़तों के बीच नहीं पहुंचा है। मुख्यमंत्री रहते भी शिवराज सिंह चौहान आपदा पीडि़तों के बीच इसी तरह जाते थे। फिलहाल वे किसानों के बीच चर्चा में बने हुए हैं और सियासत के केंद्र में है। भाजपा की ओर से दूसरे अन्य नेता भी प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंचे। 

एक दूसरे के खिलाफ सड़क पर उतरेगी भाजपा कांग्रेस 

केंद्र सरकार के खिलाफ 15 से 25 अक्टूबर के बीच होने वाले कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की 20 सितंबर को बैठक आयोजित की गई है। इसकी अध्यक्षता पीसीसी अध्यक्ष व मुख्यमंत्री कमलनाथ करेंगे। बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी, जिसमें कितने दिन आंदोलन चलाया जाए और कहां:किसके नेतृत्व में किस रूप में केंद्र सरकार नीतियों के खिलाफ आंदोलन हो, तय किया जाएगा। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां एक दुसरे के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी| 

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