अब तबादलों पर स्थगन नहीं ले पाएंगे पुलिस अधिकारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार पुलिस विभाग में तबादले का दौर जारी है। जिसको लेकर सियासत भी गरमाई हुई है| वहीं अब पुलिस कर्मचारी अधिकारी तबादलों पर स्थगन नहीं ले पाएंगे| राज्य सेवा के अफसरों के तबादलों को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर और इंदौर-ग्वालियर खंडपीठ में कैविएट दायर कर दी है।  केविएट लगाने के बाद स्थानांतरित अफसर कोर्ट में शासन का पक्ष आये बगैर स्थानगण नहीं पा सकेंगे| चुनाव आयोग ने ऐसे अफसरों के तबादले करने के निर्देश दिए थे जो एक ही स्थान पर तीन साल से पदस्थ थे। इनमें वह भी शामिल थे जिन्हें विधानसभा चुनाव में हटाया गया था। पुलिस मुख्यालय ने अदालत में कैविएट लगाने के लिए अधिकारी नियुक्त किये थे|

दरअसल, तबादले से प्रभावित अफसर कोर्ट से सरकार के फैसले के खिलाफ स्टे ले आते थे। जिससे तबादले पर अमल नहीं हो पाता था। रविवार को ही राज्य सरकार ने कई अफसरों के तबादले किए हैं। अफसरो कोर्ट से स्टे न ले सकें इसलिए पुलिस मुख्यालय ने हाईकोर्ट में कैविएट दायर की है, अब अधिकारी आसानी से तबादलों पर स्थगन नहीं ले पाएंगे।   लोकसभा चुनाव से पहले सरकार अपने हिसाब से प्रशासनिक जमावट करना चाहती है। इसलिए प्रशासनिक अफसरों के तबादले लगातार जारी हैं। 

गौरतलब है कि गृह विभाग ने शनिवार को 185 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस उप अधीक्षकों के तबादला आदेश जारी किए थे। इनमें से कई अधिकारियों को मैदानी पदस्थापना से हटाया गया तो कुछ की पदस्थापना मैदानी रखी गई, लेकिन दूसरे जिलों में भेज दिया है।

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