चुनावी समय में क्यों नाराज है विवेक तन्खा..?

भोपाल। मप्र कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य और देश के जाने-माने वकील विवेक तन्खा अचानक चुनाव परिदृश्य से गायब से हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को भी उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं है। हालांकि तीन दिन पहले वे भोपाल आए थे और देर रात कमलनाथ से मुलाकात कर रवाना हो गए। खबर मिल रही है कि विवेक तन्खा कुछ मुद्दों को लेकर पार्टी से नाराज हैं। वे अपने कुछ खास समर्थकों के आग्रह पर उनके क्षेत्र में पहुंचकर कांग्रेस समर्थित वकीलों से चर्चा कर रहे हैं, लेकिन चुनाव से पहले विवेक तन्खा जिस तरह पार्टी के लिए सक्रिय थे, अब नहीं हैं। दो दिन पहले उनकी लोकेशन मुंबई में बताई गई थीं। विवेक तन्खा की नाराजगी के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ हाईकोर्ट में जो याचिका दायर हुई थी वह भी नहीं हो पा रही है। 

प्रदेश में कमलनाथ के अध्यक्ष बनने के बाद सबसे ज्यादा सक्रियता विवेक तन्खा की दिखाई दे रही थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह से वे अनमने नजर आ रहे हैं। कांग्रेस का वचनपत्र तैयार करने वाली कमेटी में तन्खा को उपसंयोजक बनाया गया था, लेकिन तन्खा वचनपत्र जारी करते समय उपस्थित नहीं हुए। बताया जाता है कि टिकट वितरण में जिस तरह विवेक तन्खा की उपेक्षा की गई उससे वे बेहद नाराज है।  जबलपुर उत्तर सीट से विवेक तन्खा ने अपने समर्थक विश्वमोहन को टिकट देने का वायदा किया था। इस संबंध में विवेक तन्खा ने कमलनाथ को भरोसे में ले लिया था, लेकिन टिकट वितरण के समय अजय सिंह समर्थक विवेक सक्सेना को प्रत्याशी बना दिया। इससे विवेक तन्खा काफी दुखी हुए। दूसरा उदाहरण वचनपत्र से लेकर लगभग पूरी प्रचार सामग्री से विवेक तन्खा का चित्र हटा दिया गया। इससे भी वे नाराज है। जबकि विवेक तन्खा ने कमलनाथ के कहने पर अपने संपर्कों से पार्टी की आर्थिक मदद कराई है। 

पिछले दिनों भाजपा के विज्ञापनों में मुख्यमंत्री का लगातार चित्र छपने के मुद्दे पर कांग्रेस में रणनीति बनी थी कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रत्याशी हैं और भाजपा के विज्ञापनों के भुगतान के अनुसार मुख्यमंत्री का चुनाव बजट एक्सीस हो गया है। इसलिए हाईकोर्ट में याचिका लगाकर बुदनी क्षेत्र से मुख्यमंत्री को अयोग्य कराया जाए। यह याचिका तैयार भी हो गई है, लेकिन विवेक तन्खा की नाराजगी के कारण यह याचिका आज भी बनी पड़ी है। तीन दिन पहले विवेक तन्खा भोपाल आए थे, उन्होंने कमलनाथ से मिलने का समय मांगा तो उन्हें रात  का समय दिया गया। रात में मिलकर वे बुदनी पहुंचे जहां उन्होंने अरुण यादव के समर्थन में वकीलों की बैठक की इसके बाद विवेक तन्खा मुंबई रवाना हो गए। मुंबई के बाद विवेक तन्खा कोई लोकेशन कांग्रेस कमेटी के पास नहीं है। 

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