इस सीट पर हो सकता है ध्रुविकरण, कांग्रेस के दो नेताओं ने भरा निर्दलीय नामांकन

भोपाल। राजधानी भोपाल की मध्य विधानसभा पर कांग्रेस में युद्ध छिड़ गया है। इस सीट से सबसे ज्यादा दावेदार थे। लेकिन टिकट पाने में कामयाबी आरिफ मसूद को हासिल हुई। वहीं, कांग्रेस के दो बड़े नेताओंं ने बगावती तेवर अपनाते हुए नामांकन के अंतिम दिन मध्य से निर्दलीय पर्चा दाखिल किया। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सय्यद साजिद अली और मुनव्वर कौसर शामिल हैं। वहीं, उत्तर विधानसभा से वर्तमान पार्षद मोहम्मद सऊद ने नामांकन दाखिल किया है। 

जानकारी के अनुसार मध्य विधानसभा पर कांग्रेस लंबे समय से जीत के इंतेजार में है। यह सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है। यहां से पिछला चुनाव बीजेपी के सुरेंद्रनाथ सिंह ने जीता था। उनसे पहले इस सीट पर ध्रुवनारायण सिंह विधायक थे। 2008 में कांग्रेस से नासिर इस्लाम ने चुनाव लड़ा था। लेकिन वह बहुत कम अंतर से हारे थे। वहीं, 2013 में कांग्रेस ने आरिफ मसूद को मौका दिया था। लेकिन जीत  का सेहरा बीजेपी के सिर बंधा। कांग्रेस ने एक बार फिर मसूद पर भरोसा जताकर टिकट दिया है। मसूद के लिए पचौरी ने दिल्ली में जमकर बैटिंग की। हालांकि, भोपाल में मसूद के टिकट को लेकर जमकर विरोध हुआ। पीसीसी पर साजिद अली के समर्थकों ने पचौरी पर टिकट खरीद फरौख्त के आरोप भी लगाए। 

साजिद अली और मुनव्वर कौसर मध्य से दावेदारी पेश कर रहे थे। नामांकन के अंतिम दिन दोनों नेताओं ने पर्चा भी दाखिल कर दिया है। साजिद मध्य विधानसभा का चर्चित चेहरा हैं। शहर में उनका एक निजी कॉलेज है। जिसके  चलते उनकी पैठ नए और पुराने भोपाल में है। वहीं, कौसर भी अल्पसंख्यों के बीच अच्छी पकड़ रखते हैं। लेकिन मसूद के पास समर्थकों की बड़ी फौज है जो मध्य क्षेत्र में दिन रात उनके हक में माहौल तैयार करने का काम कर रही है। मसूद कहते हैं कि वह पांच साल से लगातार जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं के निपटारे के लिए समय समय पर आवाज उठाते रहे हैं। 

गौरतलब है कि साजिद और कौसर दोनों नेता कांग्रेस के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। बीते आंकड़े देखें तो 2008 का चुनाव कांग्रेस तीन हजार वोटों को अंतर से हारी थी। जबकि 2013 में ये अंतर दोगुना हो गया था। लेकिन अगर निर्दलीय प्रत्याशी कुछ हजार वोट काट देते हैं तो कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। कांग्रेस के वोटबैंक का ध्रुविकरण हो जाएगा जिसका सीधा नुकसान कांग्रेस को होगा।