चंबल नदी का जलस्तर 128 मीटर पार, 42 गांव बाढ़ की जद में, एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

भिण्ड। गणेश भारद्वाज।

उत्तरी मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अटेर भिंड और लहार के 42 गांव गांधी सागर और कोटा बैराज से चम्बल नदी छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी की वजह से बाढ़ ग्रस्त हो गए हैं | बचाव कार्य के लिए आर्मी एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बल गांवों में रेस्क्यू करने के लिए पहुंच गया है। पिछले 3 दिनों से लगातार रेस्क्यू जारी है और सैकड़ों लोगों को गांवों से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है चंबल नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से करीब 6 मीटर ऊपर है और अधिकारियों के मुताबिक यह 2 से 3 मीटर और ऊपर जा सकता है | पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने बताया कि यदि जल स्तर 130 मीटर से ऊपर जाता है तो हवाई रेस्क्यू की भी आवश्यकता पड़ेगी। कलेक्टर एसपी पूरे बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों पर पैनी नजर गड़ाए हुए हैं और रेस्क्यू का काम तेज गति से चल रहा है आज स्थानीय सांसद संध्या राय, पूर्व विधायक मुन्ना सिंह भदौरिया, धर्मेंद्र तिवारी भी ग्रामीणों के बीच उनका हाल जानने के लिए पहुंची।

आर्मी को किया सलाम और समाजसेवियों की पीठ थपथपाई

स्थानीय सांसद संध्या राय जब देवालय गांव से ग्रामीणों का हाल-चाल जान के अटेर वापस लौटीं तो उन्होंने आर्मी के जवानों के सामने उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। वही तमाम ऐसे ग्रामीण जो शासन प्रशासन और आर्मी का सहयोग करने में लगातार कई दिनों से जुटे हुए हैं जिनमें अटेर निवासी अशोक तोमर का नाम प्रमुख है सांसद ने सभी को धन्यवाद बोला और कहा कि आप वास्तव में समाज के सच्चे समाज हितेषी हो। समाज सेवा के इस कार्य में रोशनलाल दैपुरिया कॉलेज सुरपुरा सहित कई स्कूल कॉलेजों को जहां आश्रय स्थल बनाया गया है वही इस कॉलेज और बिहारी कॉलेज की बसों को प्रभावित ग्रामीणों को आश्रय स्थल तक पहुंचाने के लिए लगाया गया है। समाजसेवी मनोज दैपुरिया, पत्रकाए मोहन कुशवाह भी राहत कार्य मे शासन प्रशासन की मदद करते हुए देखे गए।तीन दिन से राहत कार्य में, डीएसपी हेडक्वार्टर सतीश दुबे, अटेर थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी, तिमेश छारी भी पसीना बहाते हुए देखे गए।

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