'बैंड बाजा' पर खूब मजाक उड़ाया, मैं दूसरों का बैंड भी बजाऊंगा

भोपाल। छिंदवाड़ा में बैंड बजाने की ट्रेनिंग देने वाले इंस्टिट्यूट खोलने वाले कमलनाथ के बयान के बाद कांग्रेस भले ही बैकफुट पर आई हो लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने इस प्लान पर अडिग हैं और उन्होंने विरोधियों पर निशाना भी साधा| शनिवार को राजधानी के मिंटो हॉल में पत्रकारों से चर्चा में सीएम ने कहा उनकी योजना बैंड की ट्रेनिंग देने की ही नहीं है, बल्कि दूसरों का बैंड भी बजाएंगे। 

दरअसल, पुराने विधानसभा भवन जो अब मिंटो हॉल कन्वेशन सेंटर में बदल चुका है, उसके भव्य सभागार में होली के मौके पर आयोजित भोज में शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों की टेबल-दर-टेबल जाकर खुलकर बात की। इसी कार्यक्रम में सीएम ने कांग्रेस की सूची आने से पहले ही दिग्विजय के भोपाल से लड़ने का एलान कर दिया| इसी दौरान कमलनाथ ने बैंड बाजे की ट्रेनिंग देने की योजना पर अपनी बात रखी| उन्होंने कहा बैंड एक कला है जिसे जीवित रखने के लिए वे ट्रेनिंग देकर कम पढ़े-लिखे बेरोजगारों को रोजगार देना चाहते हैं। सीएम ने कहा बैंडबाजा को लेकर मेरा खूब मजाक उड़ाया गया, लेकिन मेरा लक्ष्य कुछ और है। हमें उस कला को जीवित रखना है। हर जगह सेरामोनियल बैंड होता है। यहां का बैंड भी अपना अलग स्थान बना सकता है। अभी तो यह एक बैंड की योजना है, दूसरों का बैंड भी बजाऊंगा।

कमलनाथ ने कहा मेरा मानना है कि स्वरोजगार के लिए जो मौका मिलेगा, वह करूंगा। सड़कों पर आपको बैंड-बाजे बजाते लोग मिल जाते हैं, वे कितने पढ़े हैं? बैंडबाजा भी एक कला है। यहां का व्यक्ति मुंबई में बैंड बजाए, ऐसा क्यों नहीं हो सकता। नाथ ने कहा निवेश की ऐसी नीति पर काम कर रहे हैं, जिसमें सेक्टर के मुताबिक निवेश आए। ऐसे निवेश पर उनका जोर है, जिससे मध्यप्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा हों। ऐसा निवेश नहीं चाहते कि राशि तो बड़ी हो, लेकिन स्थानीय लोगों को काम न मिले।



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