सड़क पर गोवंश के साथ दुर्घटना पर सरकार सख्त, बनेगा प्लान, पालकों की भी तय होगी जिम्मेदारी

भोपाल।  प्रदेश में अक्सर गाय पर राजनीती होती आई है, भाजपा के लिए यह हमेशा बड़ा मुद्दा रहा है, लेकिन अब गाय का मुद्दा भी कांग्रेस छीनने की तैयारी में है|  गौवंश को लेकर सरकार लगातार फैसले कर रही है| मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गौवंश को वाहन दुर्घटना का शिकार होने से बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि ऐसी कार्ययोजना बनाई जाए जिससे गौवंश सड़क पर न बैठे। यदि जरूरत पड़े तो ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही पशु पालकों की भी जिम्मेदारी तय हो। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बारिश के मौसम में वे गौवंश की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वहीं गाय को लेकर सरकार के फैसले पर बीजेपी ने सवाल उठाये हैं कि सरकार सिर्फ चिंता करती हे काम नहीं, अब तक कोई गौशाला नहीं बन पाई| 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्षों से देखता आया हूँ कि बरसात के इस मौसम में खेतों में पानी होने से व मिट्टी गीली होने से गौवंश बड़ी संख्या में सड़कों पर आकर बैठता है , जिसके कारण बरसात के इस मौसम में कई गौमाताएँ वाहन दुर्घटनाओ का शिकार होती हैं , कई घायल हो जाती हैं , कईयो की मृत्यु तक हो जाती है और इन दुर्घटनाओं में जान माल की हानि भी होती है। अधिकारियों को कहा है कि गौवंश की सुरक्षा की दृष्टि से व इससे होने वाली वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिये एक विस्तृत कार्ययोजना बनाये। जितने भी प्रदेश के प्रमुख मार्ग हैं , जहाँ पर वाहन तेज गति से दौड़ते हैं , उन पर बरसात के इस मौसम में , गौवंश की सुरक्षा की दृष्टि से ,उनका सड़कों पर बैठना रोका जा सके। जिससे इन दुर्घटनाओं को टाला जा सके और गौवंश की सुरक्षा भी हो सके। भले इस कार्ययोजना को हम इस बरसात के मौसम में अमलीजामा नहीं पहना पाए, लेकिन भविष्य में इसे मूर्त रूप जरूर दिया जाए। 

पंचायत स्तर पर बनाए योजना

मुख्यमंत्री ने कहा है कि ग्राम पंचायत स्तर तक भी कार्ययोजना बनाना पड़े तो भी बनाई जाए। पालतू पशुओं को लेकर जवाबदारी तय हो। लावारिस होने पर उन्हें गौशालाओं में भेजने से लेकर, गांवों के भीतर ही ऐसे पक्के स्थान चिन्हित किये जावे, जहाँ पर बारिश में सुरक्षित  बैठ सके , जिससे सड़क मार्ग पर आकर वो वाहन दुर्घटनाओं का शिकार होने  से बच सकें।

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