छत्तीसगढ़ की तरह मप्र के पेंशनर्स को भी मिलेगा बढ़े हुए डीए का लाभ: वित्त मंत्री

जबलपुर| मध्यप्रदेश के पेंशनरों को  बढे हुए डीए न मिलने पर उठ रहे सवालों पर वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि छत्तीगढ़ राज्य की तरह मध्यप्रदेश के पेंशनरों को भी बढा हुआ महॅगाई भत्ता मिलने मे कोई दिक्कत नही है। आचार संहिता लागू होने से पहले ही सरकार ने इस मामले मे स्वीकृति दे दी थी| कैबिनेट की मंजूरी के बाद बढ़े हुए महॅगाई भत्ते को लेकर आचार संहिता का हवाला देना गलत है। वित्त मंत्री ने कहा कि अगर कोई दिक्कत होगी तो वो खुद चुनाव आयोग से इस सिलसिले मे बात करेंगे। 

गौरतलब है कि पेंशनरों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते को देने के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग के नियमो के तहत छत्तीसगढ़ समेत मध्य प्रदेश राज्य को अपनी सहमति देनी होती है। वित्त मंत्री के मुताबिक छत्तीसगढ़ के साथ साथ मध्यप्रदेश ने भी इसकी स्वीकृति दे दी है । छत्तीसगढ़ में पेंशनरों को बढा हुआ महंगाई भत्ता के आदेश हो चुके हैं, ऐसे में मध्य प्रदेश में भी कोई परेशानी नही होनी चााहिए। 


पेंशनर्स का डीए बढ़ाने मप्र ने छग से मांगी सहमति

इससे पहले राज्य के चार लाख 76 हजार पेंशनर्स का महंगाई भत्ता बढ़ाने के दबाव के चलते वित्त मंत्री तरुण भनोत ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर सहमति मांगी थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने अभी तक मध्य प्रदेश को पेंशनर्स का डीए बढ़ाने की सहमति नहीं दी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भले ही मध्यप्रदेश के पेंशनर्स का महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की सहमति न दी हो पर अपने यहां बढ़ा दिया। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले आठ मार्च को छत्तीसगढ़ सरकार ने एक जनवरी 2018 से दो फीसदी बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया।हालांकि इस कदम का फायदा मध्यप्रदेश के पेंशनर्स को मिलेगा या नहीं इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं|  क्योंकि अब सरकार कोई भी नीतिगत फैसला नहीं कर सकती है। उधर, पेंशनर्स एसोसिएशन ने दो फीसदी डीए बढ़ाए जाने को धोखा करार दिया है। वित्तमंत्री ने कहा है कि कोई दिक्कत नहीं आएगी| 


पेंशनर्स एसोसिएशन नाराज 

पेंशनर्स एसोसिएशन ने डीए नहीं बढ़ाए जाने को लेकर प्रदेश सरकार को चेतावनी दी थी कि वो आगामी लोकसभा चुनाव में साथ नहीं देगी। दरअसल, विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में पेंशनर्स के लिए कई वादे किए थे। इन पर भरोसा जताते हुए पेंशनर्स ने कांग्रेस पार्टी का साथ दिया था, लेकिन जब डीए बढ़ाने की बारी आई तो छत्तीसगढ़ से सहमति नहीं मिलने का पेंच फंस गया। इसको लेकर पेंशनर्स एसोसिएशन ने पिछले दिनों भनोत से मुलाकात कर कहा था कि दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार है और पेंशनर्स का डीए बढ़ाया जाना चाहिए। इसको लेकर छत्तीसगढ़ पेंशनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की थी पर उन्होंने खजाने की स्थिति का हवाला देते हुए कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। वहीं, प्रदेश के जबलपुर सहित अन्य जगह पेंशनर्स ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसे देखते हुए वित्त मंत्री ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनवरी 2018 और जुलाई 2018 के लंबित डीए में चार फीसदी की वृद्धि देने की सहमति देने का अनुरोध किया था।

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