अधिकारी की पीड़ा, 'दुर्भाग्य है भ्रष्टों का सम्मान होता है और ईमानदार का तिरस्कार'

भोपाल| सरकारी तंत्र में पनपी बुराइयों पर अक्सर खुलकर बोलने वाले राज्य प्रशासनिक सेवा के 1999 बैच के अधिकारी नियाज खान की पीड़ा एक बार फिर सामने आई है| उनका मानना है कि यह देश का दुर्भाग्य है कि ईमानदार अधिकारी को ही सबसे ज्यादा कष्ट झेलने पड़ते हैं| बाहर से अफसरशाही सम्मानजनक शब्द लगता है लेकिन अंदर बहुत गंदगी है, इसीलिए उन्होंने अपने बच्चे को अफसर न बनने की हिदायत दी है| बता दें कि इससे पहले नियाज खान ने अपने मुस्लिम होने की पीड़ा ट्विटर पर जाहिर की थी| उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि मैं अपनी पुस्तक "TALE OF A NOCTURNAL" के लिए और अपने लिए एक नया नाम ढूंढ रहा हूं ताकि मैं अपनी मुस्लिम पहचान छिपा सकूं। खुद को नफरत की तलवार से बचाने के लिए यह जरूरी है|

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के उप सचिव नियाज खान एक एक टीवी चैनल दिए साक्षात्कार में उन्होंने अपनी पीड़ा एक बार फिर जाहिर की| पिछले 12 साल में 10 जिलों में 19 तबादले झेलने वाले अधिकारी नियाज खान कहते हैं कि सरकार में बैठे हुए लोगों को कानून के पालन कराने की नहीं अपने हितों की रक्षा की चिंता रहती है, इसी कारण भ्रष्ट लोगों का बोलबाला है पिछले 20 साल से ईमानदारी से नौकरी करने की सजा उन्हें ट्रांसफर और प्रताड़ना से मिलती रही है | उनका कहना है कि बाहर से अफसरशाही सम्मानजनक शब्द लगता है लेकिन अंदर आकर देखिए इसमें कितनी गंदगी भरी हुई है| इस गंदगी को महसूस करके ही मैंने अपने बच्चे को अधिकारी ना बनने की हिदायत दे दी है| उन्होंने कहा कि यह देश और प्रजातंत्र का दुर्भाग्य है कि भ्रष्ट अफसरों का सम्मान किया जाता है और ईमानदार अधिकारियों का तिरस्कार, खान का कहना है कि उन्होंने अपने मन से कानून के अनुसार लाइन खींच ली है और इस जीवन में एक इंच भी इस लाइन से हटने को तैयार नहीं है | उन्होंने कहा कि बेईमानी और भ्रष्टाचार अब हमारी सोच बन चुका है शायद अगले 1000 साल में भी हम इस सोच को नहीं बदल पाएंगे

इसलिए उठाई कलम 

नियाज खान का कहना है कि पिछले 20 साल से मैं इस सिस्टम में अपना सिर फोड़ रहा हूं ऐसा महसूस करता हूं कि मैं कहीं खो ना जाऊं इसलिए अपने दर्द को साझा करने और अपने व्यक्तित्व को स्थापित करने मेने कलम उठाई है और कलम के जरिए में अपने अनुभवों को लोगों तक पहुंचाता हूं |उनके उपन्यासों का बिना पढ़े लोग विरोध करते जो पढ़ते हैं वही मेरा दर्द समझ पाते हैं| अब उनका छठवा उपन्यास "अँधेरी रातों के प्रेमी की दास्ताँ आने वाला है"| जिसमे उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया है| 

अबू सलेम पर लिख चुके हैं किताब 

अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम पर लिखे गए उपन्यास को लेकर चर्चाओं में रहे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नियाज खान राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं| वे अब तक पांच पुस्तकें लिख चुके हैं। नियाज अहमद अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम और बॉलीवुड अदाकारा मोनिका बेदी की लव स्टोरी के दफन राज नाबेल काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने तीन तलाक पर भी उपन्यास लिखा था। इसके बाद मुस्लिम समाज में भी उनका विरोध हुआ था। नियाज का कहना था कि नौकरी के दौरान मुस्लिम होने के चलते उन्हें क्या क्या झेलना पड़ा इसको लेकर वो अपनी किताब में लिखेंगे| 

सीनियर के दुर्व्यवहार से आहत होकर जाहिर की थी पीड़ा 

इससे पहले नियाज खान तब भी सुर्ख़ियों में आ गए थे जब उन्होंनेSE उनके साथ एक सीनियर अफसर द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था| उन्होंने अपनी पढ़ा जाहिर करते हुए कहा था कि अपने खान सरनेम का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है, ये भूत की तरह मेरे पीछे लगा है। सत्रह साल की नौकरी में उनके दस जिलों में उन्नीस बार ट्रांसफर हुए हैं। खान सरनेम होने के कारण उनसे ऐसा व्यवहार हुआ है। एक साल से उन्हें सरकारी मकान तक आवंटित नहीं हुआ है। नियाज का आरोप था कि मंत्रालय में उनके सीनियर अफसर ने बैठक के दौरान उनसे दुर्व्यवहार किया| जिसके बाद उन्होंने काफी सोचा और आखिरकार सोशल मीडिया पर अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की घटना का जिक्र कर दिया|

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