11 अक्टूबर को हड़ताल पर प्रदेश के वकील, ये है बड़ा कारण

भोपाल/जबलपुर।

मंदसौर में दिनदहाड़े विहिप नेता और पेशे से वकील युवराज सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद प्रदेश के वकीलों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। घटना के बाद एक बार फिर मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई है।इसी के चलते वकीलों ने 11 अक्टूबर को हड़ताल का ऐलान किया है।प्रदेश के वकीलों की नियामक संस्था स्टेट बार काउंसिल के चेयरमेन शिवेंद्र उपाध्याय ने मंदसौर के वकील युवराज सिंह की हत्या के विरोध में यह आह्वान किया। उपाध्याय ने कहा कि इस वारदात ने वकीलों की सुरक्षा पर फिर यक्ष प्रश्नचिन्ह लगा दिया। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द बनाकर लागू किया जाए।उपाध्याय ने कहा कि सरकार अब भी नहीं चेतती, तो आंदोलन लंबा खिंच सकता है।

वकीलों का कहना है कि आए दिन प्रदेश में इस तरह से घटनाएं घट रही है। वकीलों पर सरेआम हमले हो रहे है, उनकी सुरक्षा और संरक्षण का कोई पुख्ता इंतजाम नही है। पिछली सरकार में तत्कालीन  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2012 में वकीलों की पंचायत में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक्ट लागू नही किया। उसी तरह कमलनाथ सरकार ने अपने चुनावी एजेंडे में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने का वादा किया था, लेकिन आज तक लागू नहीं किया।जिसके चलते इस तरह के अपराध प्रदेश में बढ़ रहे है और आपराधियों के हौंसले बुलंद हो रहे है।

वकीलों का कहना है कि कल हड़ताल कर हम सरकार से मांग करेंगें कि जल्द से जल्द प्रदेश में एडवोकेट एक्ट लागू किया जाए ताकी अपराधों पर लगाम लगे।वही वकीलों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द से जल्द सरकार ने इसे लागू नही किया तो आंदोलन किया जाएगा।

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