मध्य प्रदेश में मानसून का ब्रेक, जानिये कब है बरसात के आसार

भोपाल| मध्य प्रदेश में कुछ दिनों के लिए हुई अच्छी बारिश के बाद अब मानसून ने विदा ले ली है, प्रदेश में मानसून का असर ख़त्म हो गया है| सिर्फ लोकल सिस्टम ही हल्की बारिश से राहत दे सकता है| तेज बारिश के लिए प्रदेश के लोगों को अब एक सप्ताह तक का इन्तजार करना पड़ सकता है| मानसून ट्रफ (द्रोणिका लाइन) वर्तमान में हिमालय की तराई में पहुंच गया है। साथ ही अभी कोई सिस्टम के सक्रिय नहीं रहने से प्रदेश में बरसात का दौर थम सा गया है। वहीं उमस से एक बार फिर लोगों का हाल बेहाल है| 

पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन यह काफी नहीं है| गुरुवार को दिन भर में कहीं भी बरसात नहीं हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में तेज बौछारें पड़ने के आसार नहीं है। बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में किसी सिस्टम के सक्रिय होने के बाद एक बार फिर बरसात का दौर शुरू होगा। हफ्ते भर देरी से आए मानसून ने एमपी को एक हफ्ते के लिए अलविदा कह दिया है|


हल्की बारिश दे सकती है राहत

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के सिस्टम से प्रदेश में अच्छी बारिश हुई|  मानसून ट्रफ के हिमालय की तराई में शिफ्ट होने से मौसम साफ होने लगा है। इससे बादल छंटने लगे हैं और धूप निकलने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी उप्र.और उससे लगे बिहार पर बना हुआ है। इसी तरह दक्षिणी राजस्थान और उससे लगे उत्तरी गुजरात पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इन सिस्टम के कारण प्रदेश में कुछ नमी आ रही है। इससे प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बरसात तो होगी, लेकिन तेज बौछारें पड़ने के आसार फिलहाल नहीं हैं।  बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में किसी सिस्टम के सक्रिय होने के बाद एक बार फिर बरसात का दौर शुरू होगा। इसमें एक सप्ताह या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है|  वहीं किसानों के चिंता पर लकीरें खिंच गई है, हालाँकि बोवनी के लिए पानी गिर चुका है, लेकिन अगर बोवनी के कुछ दिनों बाद बारिश ना हुई तो परेशानी बढ़ सकती है, खासकर धान लगाने वाले किसानों को पानी की आवश्यकता अधिक होते हैं| 


मस्जिदों में विशेष नमाज, मांगी जायेगी खुसूसी दुआ

राजधानी में शुक्रवार को मस्जिदों में विशेष नमाज के दौरान बारिश के लिए खुसूसी दुआ मांगी जाएगी। शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने अपील की है कि राजधानी समेत सूबे में बारिश नहीं होने की वजह से आनेवाले दिनों में मुश्किल हालात बन सकते हैं। इसलिए शहर की तमाम मस्जिदों में खुसूसी दुआ मांग कर आफियत बरकत और रहमत की बारिश की दुआ मांगी जाए। श्री नदवी ने अकीदतमंदों से यह भी अपील की है कि नमाज से पूर्व गरीब मोहताजों को खैरात भी करें। उन्होंने कहा है कि खैर-खैरात करने के बाद मांगी गई दुआ हमेशा कुबूल होती है।

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