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मोदी के हाथों होना है शिलान्यास.... पहले पकड़ा गया भ्रष्टाचार

भोपाल/राजगढ़।

 मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस की बात करें लेकिन उनकी नाक के नीचे ही अधिकारी किस कदर भ्रष्टाचार कर रहे हैं इस का नमूना एक बार फिर सामने आया है ।23 जून को मध्यप्रदेश के राजगढ़ में दो जल परियोजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होना है ।लगभग 1000 करोड़ रुपए की इन दोनों योजनाओं का टेंडर देने में भारी गड़बड़ी सामने आई है ।

पीएचई के जल निगम द्वारा जारी दोनों टेंडरों के रेट बदल दिए गए ।राजगढ़ के बांधों से गांव तक पैदल पहुंचाने की इस परियोजना में  टेंडर देने में गड़बड़ी की शिकायत एलएनटी कंपनी ने प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल से की क्योंकि यह कंपनी दोनों ही टेन्डरो में नंबर दो पर ही थी ।जब प्रमुख सचिव ने विभाग की लॉगिन आई डी से ई टेंडर साइट को ओपन किया तो उन्हें एक जगह लाल क्रॉस दिखाई दिया। इंजीनियरों ने प्रमोद अग्रवाल को घुमाने की कोशिश की लेकिन प्रमोद अग्रवाल ने इसकी जांच के लिए आईटी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी को पत्र लिखा। जांच के बाद यह तथ्य सामने आया कि जब कोई ई प्रोक्योरमेंट में छेड़छाड़ करता है तो लाल क्रॉस का निशान आ जाता है। 

टेंडर नंबर 91 में सतना के बाणसागर नदी से 1019 गांव में पानी पहुंचाने के लिए ई टेंडर हुआ था जिस कंपनी को ठेका मिला उसके टेंडर में छेड़छाड़ कर 37.50 लाख रू कम कर दिये गये। इसी तरह टेंडर नंबर 94 में राजगढ़ की निवाज नदी पर बने बांध से 400 गांव को पानी सप्लाई होना था इसके टेन्डर में भी छेड़छाड़ कर कंपनी के रेट में 2.48 करोङ रू कम कर दिये दिए गए। जांच में यह सब साबित होने के बाद अब क्या कार्रवाई होगी यह देखने वाली बात होगी क्योंकि यदि यह मामला खुलता है तो मध्य प्रदेश के कई बड़े विभागों के अंदर चल रही गड़बड़झाले का पर्दाफाश हो सकता 

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