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मंदसौर में दिए गए राहुल के भाषण पर जेटली ने उठाए सवाल, कहा-आखिर जानते कितना है वो

मंदसौर/नई दिल्ली।

बुधवार को मंदसौर गोलीकांड की पहली बरसी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश पहुंचे थे और किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर एक के बाद एक कई हमले बोले थे। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बड़े उद्योगपतियों को तीस हजार करोड़ रुपये दिए औऱ उनका 2.5  हजार करोड़ का 

कर्ज माफ किया है, उनके पास किसानों और गरीबों के लिए समय नही है।केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा इन आरोपों का खंडन किया गया है। उन्होंने राहुल के भाषण को लेकर  उनकी समझ पर सवाल उठाया। जेटली ने कहा है कि‘आखिर राहुल गांधी कितना जानते हैं? वह चीजों को कब समझेंगे?’

दरअसल, जेटली ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है और अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि ‘हर बार मैंने राहुल गांधी के विचारों संसद के भीतर और बाहर-दोनों जगह सुना है। मैं स्वयं से पूछता हूं कि आखिर वह कितना जानते हैं? वह कब समझेंगे? मध्य प्रदेश में दिए गए उनके भाषण को सुनते हुए इसके जवाब को लेकर मेरी जिज्ञासा और बढ़ गई है। क्या उन्हें अपर्याप्त जानकारी दी जाती है या वह अपने तथ्यों को लेकर कुछ ज्यादा ही उदार हैं।

जेटली ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की यह बात तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत है। सरकार ने उद्योगपतियों का एक रुपया भी माफ नहीं किया। तथ्य इसके ठीक उलट है। जिन लोगों के ऊपर बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों का बकाया है, उन्हें दिवाला घोषित किया गया और उन्हें आईबीसी (ऋण शोधन एवं दिवाला संहिता) के जरिये उनकी कंपनी से बेदखल किया गया है। इस कानून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने लागू किया। इनमें ज्यादातर कर्ज संप्रग शासन के दौरान दिये गये।

उन्होंने कहा कि यूपीए, खासतौर से यूपीए-2 के दौरान ज्यादातर लोन दिया गया। जिसे अब बैंकों ने एनपीए घोषित किया है। ये लोन 2008 से 2014 के बीच दिए गए। 2014 से हम एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं ताकि इस पैसे को वापस लाया जा सके। हम एक एक कर बैंकों के पैसे की वसूली कर रहे हैं।ये बैंकिंग घोटाले 2011 में शुरू हुए थे। उस वक्त यूपीए-2 सत्ता में थी। इसका पता केवल एनडीए के कार्यकाल में लगा है।


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