CM की सभा में राजस्थान से बुलाई भीड़, किसान आंदोलन को फीका करने सत्ता-संगठन ने झोंकी ताकत

मंदसौर/भोपाल। किसान आंदोलन से डेढ़ दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार दोपहर 3 बजे किसान सम्मेलन को संबोधित करने जा रहे हैं। सीएम की सभा में भीड़ जुटाने के लिए मंदसौर सहित नीमच एवं रतलाम प्रशासन भी तैयारी में जुटा है। यहां तक कि राजस्थान के गांवों से भी भीड़ को सीएम की सभा में पहुंचाया गया है। सभा स्थल पर भीड़ जुटाने के लिए मंदसौर एवं नीचम जिला प्रशासन ने राजस्थान से भी बसें बुलाई हैं। इधर प्रदेश भाजपा की ओर से मालवा-निमाड़ के जिलों से कहा गया है कि सभी मोर्चा एवं संगठन के पदाधिकारी सीएम की सभा में पहुंचे। 

किसान आंदोलन को फीका करने के लिए सत्ता और संगठन ने पूरी ताकत झौंक दी है। स्थानीय भाजपा नेता तीनों जिलों में डेरा डाले हुए हैं। इस बीच मप्र सरकार के मंत्री बालकृष्ण पाटीदार ने बयान दिया है कि पिछले साल गोलीकांड की जांच रिपोर्ट आने के बाद किसान जिंदा नहीं होंगे। मंत्री के इस बयान की पाटीदार बाहुल्य क्षेत्र में निंदा हो रही है। 


खाने-पीने के इंतजाम कर रहे लोग

किसान आंदोलन के दौरान बाजार बंद होने की संभावना के चलते मंदसौर, नीमच एवं रतलाम में शहरी क्षेत्र में लोग अगले 15 दिन के लिए खाने-पीने एवं किराने का स्टॉक करने में लगे हैं। बाजारों में बिक्री बढ़ गई है। सब्जियों के भाव बढ़े हुए हैं। 


आला अधिकारी उतारे 

इधर पुलिस मुख्यालय ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आला अधिकारियों को मैदान में उतार दिया है। एसएसएफ एवं रंगरूटों को पाइंट पर तैनात कर दिया है। पुलिस मुख्यालय में कंट्रोल रूप से हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। 31 मई को आला अफसर मंदसौर एवं आसपास के क्षेत्र में दौरा कर सकते हैं। 

इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले शिव के 24 किसानों ने इच्छा मृत्यु की मांग की है किसानों ने इस संबंध में प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा है किसान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर परेशान थे मांग पूरी नहीं होने से किसान इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं