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एक सादे कागज पर लिखकर दे दो - हम गरीब हैं....सरकार मान लेगी

मंदसौर।

आयकरदाता न हों, सरकारी नौकरी में न हों और ढाई एकड़ से कम जमीन हो।एक सादे कागज पर भी लिखकर दे दो कि मैं गरीब हूं तो सरकार मान लेगी। आप खुद आवेदन लिखकर दे दीजिए, आपका पंजीकरण हो जाएगा। आवेदन की जांच अफसर नहीं, आप खुद करेंगे।यह बात बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज ने मंदसौर में जन कल्याण योजना (संबल) के तहत आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहक और असंगठित श्रमिकों के सम्मेलन के दौरान किसानों से कहीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश में 50 साल राज किया, लेकिन गरीब को एक टुकड़ा जमीन का मालिक नहीं बनाया। जबकि भाजपा की सरकार गरीबों की सरकार है। जिन गरीब भाई-बहनों के पास ज़मीन-मकान नहीं है, उन्हें योजना के अंतर्गत ज़मीन के टुकड़े का मालिक बनाएंगे। प्रदेश में कोई भी गरीब बिना अपनी ज़मीन या मकान के नहीं रहेगा। वर्ष 2022 तक सभी को अपनी पक्की छत का मालिक बनाएंगे। शहर में जमीन कम पड़ी तो बिल्डिंग बनाकर कई लोगों को जगह देंगे। प्रदेश में 97 लाख 50 हजार गरीब चिह्नित हुए हैं, हर साल 10 लाख गरीबों को मकान बनाकर देंगे।जिनके पास ढाई एकड़ तक जमीन है और आयकर नहीं देते, उन्हें मजदूरों को मिलने वाली सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। 

दिग्विजय पर बोला हमला

मुख्यमंत्री ने दिग्विजय सिंह के शासन काल पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसान उनके पास काम लेकर जाते थे तो घिग्गी बंध जाती थी। क्योंकि तब न तो बिजली थी, न ही पानी। दिग्विजयसिंह ने सारी व्यवस्थाएं चौपट कर दी थीं। लाइट ना होने से सिंचाई तक नहीं हो पाती थी। मैंने सीएम पद के मायने बदले है। जिम्मेदारी आने के बाद एक भी दिन आराम नहीं किया है। आज घर-घर पानी और गांव-गांव बिजली की व्यवस्था है। 

गौरतलब है कि 1 से 10 जून तक किसानों ने आंदोलन की घोषणा की है। इसके अलावा 6 जून को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर में रैली करने वाले हैं। इस रैली के साथ ही कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मप्र में शंखनाद करने जा रही है। बीते वर्ष 6 जून को किसान आंदोलन के दौरान 6 किसानों की मौत हो गई थी। राहुल गांधी गोलीकांड की बरसी पर रैली कर रहे हैं। इसलिए सियासत गरमाई है।वही  किसान आंदोलन के 36 घंटे पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के मंदसौर दौरे के खास मायने निकाले जा रहे हैं। सीएम आंदोलन के प्रमुख केंद्र मंदसौर से किसानों का मिजाज भांपने की कोशिश करने यहां पहुंचे थे। किसान आंदोलन और राहुल गांधी की सभा के पहले सीएम का यह दौरा राजनीतिक रूप से काफी खास है।


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