एएसआई ने पेश की मिसाल, भटके हुए को परिवार से मिलाया

मुरैना| समाज की प्रखर पहरेदार पुलिस है, जब भी जुबान पर 'पुलिस' शब्द  आता है, लोग अलग अलग ढंग से सोचना शुरू कर देते है। कोई पुलिस को बुरा कहता है तो कोई पुलिस को अपना रक्षक मानता है| पुलिस की इसी जिम्मेदारी को साबित कर दिखाया है मुरैना पुलिस के एएसआई अरविन्द शर्मा ने| शर्मा ने एक बिछड़े हुए  को परिवार से मिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है| एएसआई की सूझबूझ ने एक दुखी परिवार की खुशियां लौटा दी जिसका परिवार भी दिल से धन्यवाद कर रहा है| 

दरअसल, कर्फ्यू के दौरान मुरैना जिले की बानमोर पुलिस को इरफ़ान नाम का शख्स मूर्छित हालत में मिला था| एएसआई अरविन्द शर्मा ने इरफ़ान की हालत देख उसका इलाज कराया और घरवालों से संपर्क करने की कोशिश की और मुंबई में उनके परिवार को इरफ़ान के बारे में सूचित किया| इसके बाद मुंबई से परिवार मुरैना पहुंचा और कई दिनों से लापता इरफ़ान को देखकर उनका परिवार ख़ुशी से झूम उठा| परिवार से बिछड़े हुए शख्स को अपने परिवार से मिलाकर एएसआई अरविन्द शर्मा ने एक मिसाल कायम की है| मुंबई से आये परिवार ने एएसआई का सहृदय धन्यवाद भी किया| वहीं विभाग में एएसआई की सूझबूझ और सक्रियता की प्रशंशा हो रही है| 

इरफ़ान मुंबई के रहने वाले हैं और नौकरी को लेकर परेशान चल रहे थे| जिसके चलते वो अपने परिवार के साथ जियारत करने अजमेर की दरगाह पहुंचे थे| लेकिन यहाँ उनका सारा समान गायब हो गया था, बैग में रखे तमाम कागजात गम हो जाने के कारण इरफ़ान और परेशान हो गया| इस बीच किसी ने उसे नशीली चीज खिला दी जिससे वो बेसुध हो गए और बेसुध हालत में मुरैना के बानमोर पहुंचे, जहां कर्फ्यू के दौरान उन्हें बानमोर पुलिस थाने में पदस्थ एएसआई ने देखा और उनका इलाज कराया और परिवार के बारे में पूछताछ की | इस तरह आखिरकार वो अपनों के बीच पहुँच गए| थाने में परिवार से मिलकर इरफ़ान बेहद खुश हो गए वहीं इरफ़ान के लापता होने से उनकी पत्नी और परिवार वाले जो परेशान थे, थाने में इरफ़ान को सही सलामत देख उन्होंने भी राहत की सांस ली| इस तरह एक एएसआई ने मिशाल पेश करते हुए बिछड़े को उसके परिवार से मिला दिया|